हरिद्वार ।राज्य सरकार एक सप्ताह से अमित शाह के स्वागत की तैयारियों में थी व्यस्त।
अमित शाह के स्वागत की तैयारी में पूरी राज्य सरकार की नौकरशाही एक सप्ताह से लगी हुई थी, साथ ही मुख्यमंत्री भी समय-समय पर देहरादून से हरिद्वार आकर तैयारीयों का पूरी तरीके से जायजा ले रहे थे ।इस कार्यक्रम में डेढ़ लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था के लिए एक विशाल पंडाल भी बनाया गया था ,इस पंडाल पर भी करोड़ों रुपए की लागत खर्च आई थी। और कार्यक्रम में आम जनता के साथ-साथ साधु संतों को भी आमंत्रित किया गया था ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर नही दिखाई दी रौनक।
आज जब गृहमंत्री अमित शाह हरिद्वार आए और उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी थे ,तो धामी जी के चेहरे पर बहुत ज्यादा रौनक दिखाई नहीं दे रही थी। जो अक्सर उनके चेहरे पर दिखाई देती है, हमेशा खुश मिजाज रहने वाले पुष्कर सिंह धामी आज कुछ परेशान से दिखाई दे रहे थे। यह देखकर कार्यक्रम में आए तमाम लोगों में कानाफूसी भी होनी शुरू हो गई , डेढ़ लाख लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होने की बात करने वाले मुख्यमंत्री शायद यह देखकर परेशान हो गए हो की पंडाल में बा मुश्किल 35 से 40 हजार लोग भी मौजूद नहीं थे। अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी।

जिन लोगों को बुलाया गया था वह भी ज्यादातर, योग गुरु बाबा रामदेव के यहां के कर्मचारी सिडकुल के कर्मचारी भारत माता मंदिर व गीता कुटीर साइड के फक्कड़ बाबा दिखाई दे रहे थे। साथ ही कुछ बीजेपी के लोग भी वहां मौजूद थे।

बीजेपी के लोगों ने जो केवल और केवल टिकट और पद प्राप्त करने के लिए बीजेपी में जिंदाबाद मुर्दाबाद करते हैं, वह भी कोई बहुत ज्यादा खास भीड़ एकत्र नहीं कर पाए ।हो सकता है शायद कम भीड़ होने का एहसास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी को हो रहा हो, और वह थोड़े नाराज या नर्वस दिखाई दे रहे हो ।


अमित शाह ने की तारीफ,1129,91करोड के कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जन-जन की सरकार 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में 1129, 91 करोड रुपए की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया तथा साफ-साफ शब्दों में कहा कि भारत के अंदर घुसपैठ करने वाले घुसपैठियों को केदारनाथ से कन्याकुमारी तक जितने भी घुसपैट किये हुए भारत में रह रहे हैं। उन सब को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। तथा अमित शाह जी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार काफी अच्छी सरकार चल रही है ,और उत्तराखंड की समस्याओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुन-चुन कर समाप्त कर रहे हैं ।

उत्तराखंड बीजेपी की अंदरूनी कलह कैसे होगी दूर।
साफ शब्दों में कहा जाए तो उत्तराखंड बीजेपी में जबरदस्त आपसी खींचातान मची हुई है। कई सांसद कई विधायक स प्रमाण हाई कमान को मुख्यमंत्री के विरुद्ध शिकायतें कर चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के ग्रह चाल व उनकी पूजा पाठ के साथ ही, कई तरह की योजनाएं मुख्यमंत्री को बचा ले जाती हैं। और जब अब 4 साल तक मुख्यमंत्री का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया है तो अब मात्र साल 6 महीने के लिए मुख्यमंत्री को बदलकर किसी दूसरे के हाथ में राज्य की बागडोर देना उचित नहीं होगा।

2027 में विधानसभा के चुनाव को पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही हाई कमान को कराने में फायदा है। क्योंकि पुष्कर सिंह धामी 2027 के चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे और वह काफी हद तक प्रयास भी कर रहे हैं। की 2027 में बीजेपी की सरकार ही राज्य में बने। बाकी आम जनता के मन की बात तो कोई भाप नहीं सकता है ,की जनता क्या चाहती है ।लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी के कुछ नेता तो बिल्कुल इस बात पर निश्चिंत है की सरकार बीजेपी की ही बनेगी।

कॉंग्रेस क्या करेगी, कुछ खास नही लग रहा ।
अब देखना है की 2027 के चुनाव में कांग्रेस क्या करेगी फिलहाल तो अभी कांग्रेस बहुत ज्यादा कुछ करती हुई दिखाई नहीं दे रही है ।लेकिन ये राजनीति है और जनता है जनता कब किसको ताज पहना दे और कब किसके सर से ताज उतार दे कह पाना मुश्किल है।

