हरिद्वार । हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर पर आने वाले तीर्थ यात्री व मां के भक्त मन्दिर पर लाखों रुपए रोज का चढ़ावा चढ़ाते हैं ।और इस चढ़ावे में से किस तरीके से चोरी कर अपनी जेबे भरी जाती हैं इसका वीडियो आपको कामाख्या न्यूज़ दिखा चुका है ,की किस तरीके से वहां बैठकर एक गेरुआ वस्त्राधारी माल को चुराकर अपनी जेब में रख रहा हैं ,अब प्रश्न यह उठाता है के एक सामान्य से कर्मचारी के रूप में नौकरी करने वाले दुबे साहब हालांकि लिखित में आज की डेट तक कोई मैनेजर या प्रबंधक मनसा देवी मन्दिर के नहीं है ।लेकिन जिस दिन से मनसा देवी मंदिर पर घटना घटी है और नौ लोगों की मौत हुई है उन 9 लोगों की मौत के बाद मनसा देवी मंदिर पर काम करने वाले इन दूबे जी ने अपने आप को प्रबंधक कहना शुरू कर दिया है।इसके लिये दूबे जी को अध्यक्ष जी ने प्रबन्धक के पद का आई कार्ड भी दे रखा है।

दूबे पुरुस्कृत ,प्रबन्धक है तो मंशा देवी दुर्घटना की जुम्मेदारी किसकी
ऐसा माना जा रहा है कि इस घटना के बाद नौ लोगों की मौत के मामले में दुबे जी को पुरस्कृत किया गया है। इसीलिए उन्हें वहां के प्रबंधन का आई कार्ड दिया गया है । लेकिन कागज़ो में अभी तक दूबे जी को प्रबन्धक के पद से नवाजा नही गया है।इस घालमेल के बारे में मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी व दुबे ही जानते होंगे ।लेकिन फिलहाल तो दुबे जी ने पूरे मनसा देवी मंदिर पर और अधिकारियों के यहां अपना यही रोब ग़ालिब करना शुरू कर दिया है ।की मैं वहां का प्रबंधन हूं ।

और मैं सारा काम देखता हूं, अब अगर दुबे जी वहां के प्रबंधक हैं और सारा काम देखते हैं तो यह जो नौ लोगों की मौत वहां हुई है उसकी जिम्मेदारी किसके ऊपर जाएगी क्योंकि सामान्य रूप से हर संस्था पर जो भी घटना घटती है उसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है ।और जिला प्रशासन की निगाह में भी तथाकथित प्रबंधक महोदय चढ़े हुए है , लेकिन यह मामला अभी ठंडे बस्ते में चला गया है, इसलिए प्रशासन भी मौका देख रहा है , की मौका मिलते ही दुबे जी को मैनेजर से कब अध्यक्ष बनाया जाए ।
धीरे धीरे वेतन भी बढ़वाया जा रहा है।
दुबे जी ने धीरे-धीरे अपनी सैलरी भी बड़वानी शुरू कर दी है। पहले 5500 थीं ₹2000 सैलरी बढ़वाकर 7500 रु कराई अब यह महोदय अपनी सैलरी ₹15000 महीना करवाना चाहते हैं। जबकि मनसा देवी मंदिर पर वर्षों से कार्य कर रहे अन्य कर्मचारियो का आज तक ना तो प्रमोशन हुआ है और ना ही किसी की सैलरी बढ़ी है , हालत यह है कि मनसा देवी मंदिर के अध्यक्ष का कोई ऐसा गुप्त राज दुबे के पास है जिसकी वजह से रवींद्र पुरी इस व्यक्ति को मंदिर से हटाने में लाचार हैं ।
हटाने की तो बात छोड़िए इसकी तो निरंतर तरक्की करने को भी वे मजबूर है जबकि मंशा देवी मंदिर के तमाम कर्मचारी इसकी करतूत को जानते हैं। और यह अकेला कर्मचारी किसी भी मनसा देवी के कर्मचारियों को बर्दाश्त नहीं करता है ।खासकर नारियल वाले अनिल शर्मा के खिलाफ भी यह लगा रहता है ।और अधिकारियों के यहां जा जाकर बता कर आता है कि मंशा देवी का सारा काम मैं ही देखता हूं ,बाकी कोई कुछ नहीं देखत , ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी की सेहत पर इसका कोई असर नहीं पड़ता क्योंकि रवींद्र पुरी जी की कुछ ऐसी कमियां हो सकती है जो इसको पता है।

दिव्य सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए है दुबे जी।
दूबे जी दिव्य गंगा सेवा मिशन के रष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन गए है।अब इनके दोनो हाथों में लड्डू है।एक तरफ मंशा देवी का प्रसाद खाएंगे,दूसरी तरफ गंगा सेवा के साथ साथ गंगा स्नान भी करते रहेंगे।

