14 Feb 2026, Sat
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तीर्थ नगरी हरिद्वार में मनसा देवी के ट्रस्टी अनिल शर्मा के पास है काफी सारी संपत्ति, बिना सैलरी के शहर व ग्रामीण इलाकों में कई प्लाटों के है मालिक , तनख्वाह के नाम पर शर्मा जी है ठन ठन गोपाल

हरिद्वार

तीर्थ नगरी हरिद्वार में मनसा देवी के ट्रस्टी अनिल शर्मा के पास है काफी सारी संपत्ति, बिना सैलरी के शहर व ग्रामीण इलाकों में कई प्लाटों के है मालिक , तनख्वाह के नाम पर शर्मा जी है ठन ठन गोपा ।

तीर्थ नगरी हरिद्वार के सबसे प्रसिद्ध माँ मनसा देवी मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा की विगत कई वर्षो से पों 12 चल रही है। शर्मा जी को ट्रस्टी होने के नाते मनसा देवी ट्रस्ट से उन्हें कोई वेतन नहीं मिलता है। लेकिन शर्मा जी के पास अपनी कोठी तो तैयार हो ही रही है। साथ ही श्यामपुर क्षेत्र के अलावा सीतापुर इब्राहिमपुर और शहर के बीचो-बीच उषा ब्रेको ट्राली के पास कई दुकानें मौजूद हैं।

शर्मा जी के पास सम्पत्ति आ कहाँ से रही है। ट्रस्टी बनने से पूर्वी थ्री व्हीलर चलाते थे शर्मा जी।

यह संपत्ति शर्मा जी के पास कहां से आई है यह तो शर्मा जी को ही पता होगा जबकि सच्चाई ये है की करीब 12 वर्ष पूर्व शर्मा जी थ्री व्हीलर चलाया करते थे और थ्री व्हीलर चलाते-चलाते मनसा देवी ट्रस्ट के ट्रस्टी बन गए।है ना कमाल ,शर्मा जी इस समय मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी के बिल्कुल दाएं हाथ हैं।

रवींद्र पुरी वही करते हैं जो शर्मा जी कहते हैं शर्मा जी को खुद नहीं पता है कि उनकी प्रतिदिन की कितनी आमदनी है। क्योंकि मनसा देवी पर चढ़ावा चढ़ाने आने वाले भक्तों की ऑफ सीजन में भी काफी तादाद रहती है जबकि सीजन व नवरात्रो में तो मनसा देवी मंदिर पर पैर रखने के लिए भी जगह नहीं मिलती है ,और यही कारण है की पिछले दिनों भीड़ की तादाद बढ़ने के कारण वहां हादसा हुआ और 9 लोग काल के गाल में समा गए।

जांच पता नही कब होगी पूरी।

घटना के बाद कहा गया था की इस मामले की जांच 15 दिन में पूरी कर ली जायेगी। लेकिन पता नही जांच कौन से बस्ते में चली गई अभी तक तो जांच के परिणाम का कोई पता नहीं है ।

जांच अधिकारी बहुत ही सुलझे हुए एसडीएम साहब को बनाया गया है अब एसडीएम साहब के पास बहुत सारा काम होता है। अकेले इसी जांच में तो लगे नहीं रहेंगे और भी काम देखना है । हरिद्वार तो वी आई पी सिटी है सबसे ज्यादा बोझ एसडीएम साहब के ऊपर है। एस डी एम साहब को जब समय मिलेगा जांच पूरी कर देंगे। और नहीं भी करेंगे तो अगला एसडीएम आकर जांच पूरी करेगा ।क्योंकि जिस काम की हमारे देश में जांच शुरू हो जाती है। अधिकारी बदलते रहते हैं और जांच चलती रहती है ।

सीधे साधे भोले भाले शर्मा जी को अध्यक्ष जी ने क्यो सौप रखी है, मंशा देवी मंदिर की कमान।क्या कोई राज जानते है शर्मा जी ।तभी शर्मा जी ही सर्वे सर्वा बने हुए है।ट्र्स्ट केशर्मा जी जिनका नाम अनिल शर्मा है बड़े ही सीधे-साधे भोले भाले पूजा पार्टी इंसान है।

लेकिन लक्ष्मी के पुजारी हैं माता रानी की कृपा होने के साथ-साथ लक्ष्मी जी की भी पूर्ण अनुकम्पा अनिल शर्मा जी के ऊपर है।कारण शर्मा जी के पास अध्यक्ष जी का कोई न कोई ऐसा गोपनीय राज है।जिसकी वजह से पूरा मन्दिर शर्मा जी के सुपुर्द किया हुआ है। अब अनिल शर्मा जी के पास यह जो दौलत आई है यह माता रानी की कृपा से ही आई है।

इससे तो वह नकार नहीं सकते ,क्योकी मां लक्ष्मी की कृपा भी उनके ऊपर बरस रही है। अब नवरात्रे शुरू हो गए हैं ।आज से पूरे नवरात्रे में शर्मा जी की तो बल्ले बल्ले है ।क्योंकि काफी श्रद्धालु आएंगे और खूब धन दौलत माता रानी को अर्पित करेंगे। और यह धन दौलत अनिल शर्मा जी के पास रहेगी क्योंकि सारा पैसो का कारोबार या और जो भी चीज माता रानी को श्रद्धालु श्रद्धा से चढ़ाते हैं उन सब की देखभाल अनिल शर्मा जी करते हैं। अनिल शर्मा जी करे भी क्यों ना क्योंकि ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी अनिल शर्मा पर बहुत विश्वास करते हैं।

अनिल शर्मा के बारे में शहर में है अजीब चर्चा ।

अनिल शर्मा जी के बारे में जो बातें शहर में चर्चित हैं या जो बातें लोग जानते हैं यदि उन बातों को प्रकाशित कर दिया जाए तो अनिल शर्मा जी का क्या हाल होगा यह तो कह पाना मुश्किल है । लेकिन अनिल शर्मा जी के साथ-साथ और भी कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे जो सफेद पोस बने हुए गेरुआ वस्त्र धारण करें डोल रहे हैं।हालाकि हमे इन चर्चाओं पर विश्वास नही है।

लेकिन दौलत शर्मा जी पर आने का श्रोत क्या है।

अब देखना यह है की शर्मा जी के पास जो दौलत है जो प्लांट है जो अन्य और चीज हैं उनकी जांच करेगा तो कौन करेगा ।अन्यथा शर्मा जी तो इसी तरीके से अपनी आय में दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ोतरी करते रहेंगे और लोग देखते रह जाएंगे ।और लोग क्यास लगाते रहेंगे। मनसा देवी मंदिर के ज्यादातर कर्मचारी अनिल शर्मा जी के हर कारनामो से अवगत है। लेकिन बोलने की हिम्मत किसी की नहीं है क्योंकि शर्मा जी ही तो सर्वे सर्वा है। रवींद्र पुरी जी तो नाम के अध्यक्ष हैं असली अध्यक्ष तो अनिल शर्मा है।

क्योंकि अनिल शर्मा चाहे तो जिसको ट्रस्टी रख ले चाहे जिसको नौकरी से निकाल दे , चाहे जिसे नौकरी पर रख ले, चाहे जितना माल अखाड़े में महाराज जी को दे आए चाहे जितना अपने पास रख ले, उनसे पूछने वाला कोई नहीं है। अब शर्मा जी ने एक कारनामा और कर दिया है अब भगवान जाने शर्मा जी ने किया या किसने किया है मंदिर में दुर्घटना को न्यौता देने वाला एक जाल चारों तरफ मनसा देवी मंदिर को जाने वाले रास्ते पर लगवा दिया गया है। कभी भी यहां भीड़ के एकत्र होने पर दुर्घटना घट सकती है। उसका जिम्मेदार कोई नहीं होगा।

सरकार के मुखिया आएंगे जांच करने के आदेश देंगे। अगर दुर्घटना में कोई मिस हैपनिंग हो जाती है तो उनको मुआवजा दे दिया जाएगा। या कुछ मुआवजा ट्रस्ट के अध्यक्ष जी से दिलवा दिया जाएगा ।और बात रफा दफा हो जाएगी। इस निर्माण के आदेश किसने दिए हैं। या इस निर्माण की अनुमति किससे ली गई है । पता नही ,ना तो हरिद्वार विकास प्राधिकरण से ली गई होगी और ना ही फॉरेस्ट विभाग से ली गई होगी , तो स्वयं अपने आप ही काम चल रहा है । पहले भी ऐसे ही अपनी मर्जी से काम चलता था, अब भी ऐसे चल रहा है। कौन रोकने वाला है ।कोई नहीं रोक पाएगा। यहां तो अपनी मर्जी से ही होगा जो कुछ होगा।

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