हरिद्वार। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के महंत रवींद्र पुरी जी महाराज के अनुसार उन्होंने अन्नपूर्णा पुरी को निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया है।यह कार्यवाही उनके अमर्यादित कृतियों के कारण की गई है।

अब अन्नपूर्णापुरी का अखाड़े का कोई संबंध नहीं है। और न हीं वह कभी मेरी शिष्य रही हैं। यह कहना है निरंजनी अखाड़े के श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज का जो मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष होने के साथ-साथ साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष भी हैं।

