हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया। विकास भवन सभागार में हुई इस बैठक में सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों और कार्यालयाध्यक्षों ने भाग लिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यालयों और अधीनस्थ विभागों में अधिनियम के अनुसार आंतरिक परिवाद समिति (इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी) का गठन करने या उसे अद्यतन (अपडेट) करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण के दंडात्मक परिणामों को दर्शाने वाले बिलबोर्ड लगाए जाएं। इन बिलबोर्ड पर एक टोल-फ्री नंबर भी शामिल करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग को सभी निजी संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति के गठन के लिए एक महीने के भीतर सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

