12 Feb 2026, Thu
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यमकेश्वर इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण, धामी–योगी ने दिया संस्कारयुक्त शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमकेश्वर पहुंचे। कार्यक्रम से पूर्व दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। इसके पश्चात दोनों नेताओं ने इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का अवलोकन किया।

सेवा, सुशासन और विकास सरकार का संकल्प : पुष्कर सिंह धामी

शिक्षा केवल रोजगार नहीं, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक निर्माण का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल डिग्री या रोजगार का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार शिक्षा के सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन क्षेत्र के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा और इससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण ही सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरक मिसाल है।

संस्कारयुक्त शिक्षा से राष्ट्र निर्माण, भौतिक विकास मात्र साधन : योगी आदित्यनाथ

आधुनिक शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर से गांवों का कायाकल्प, पलायन पर लगेगा अंकुश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन की भी होनी चाहिए। पौराणिक गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह पद्धति व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त आधारशिला रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भवन की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है, उसी प्रकार शिक्षण की गुणवत्ता भी उच्चस्तरीय होनी चाहिए। शिक्षा में नवाचार से गांवों का समग्र विकास होगा तथा पलायन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति से ऊपर उठकर ही सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

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