15 Feb 2026, Sun
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डी एम, एसपी की नहीं सुनता है कोई ,यहां केवल चलती है तो नगर निगम के कर्मचारीयो व हर की पैड़ी चौकी इंचार्ज की ही चलती है। हर की पैड़ी पर पुनः हो गया है अतिक्रमण ।

हरिद्वार ।हरिद्वार में पिछले दिनों जिला अधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोबाल व नगर निगम के M N A नंदन कुमार के अलावा तमाम अधिकारियों का काफिला शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए निकाला था।

लेकिन इन अधिकारियों ने जहां-जहां अतिक्रमण हटाया। ये अधिकारी अतिक्रमण हटाकर आगे आगे जाते रहे और पीछे-पीछे अतिक्रमण कारी अपना अतिक्रमण पुन स्थापित करते गए । हर की पैड़ी पर पुनः

फूल ,चाय , दाल, खीरा और न जाने क्या-क्या चीज बिकने के साथ ही हर की पौड़ी से लेकर सी सी आर व सुभाष घाट तक तमाम फूलों की दुकानें सज गई है ।प्लास्टिक की गंगा जलियों की दुकाने सज गई हैं और रसीद काटने वाले रसीदे काटते हुए हर की पैड़ी पर मिल जायेंगे ,लंगर भी शुरू हो गए है ।

एक लाख रु रोज की आमदनी कैसे छोड़ी जा सकती है।

हालत यह है कि हर की पैड़ी से प्रतिदिन एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी चौकी हरकी पैड़ी व नगर निगम के कर्मचारियों को है ।तो इतनी बड़ी आमदनी को यह लोग कैसे छोड़ सकते हैं। चाहे एसपी कुछ कर ले या डी एम कुछ कर ले एसपी डीएम 24 घंटे तो हर की पैड़ी पर बैठ नहीं सकते हैं

इसलिए अधिकारी अतिक्रमण हटाने जब आते हैं तो, अतिक्रमण कारियो को पहले ही पता चल जाता है , जब अधिकारी वहां पहुचते है, तब तक ज्यादातर सब कुछ बिल्कुल क्लीन मिलता है ।लेकिन अधिकारियों के जाते ही फिर वह सारे अतिक्रमणकारि आ जाते हैं। तो कप्तान साहब हो या जिलाधिकारी हो या नगर निगम के युवा I A S अधिकारी नंदन कुमार हो इनकी कोई सुनने वाला नहीं है। जो इनके निचले कर्मचारी चाहेंगे होगा वही, रोड़ी बेलवाला में पार्किंग

रोड़ी बेलवाला में बाकायदा पार्किंग स्थापित कर दी गई है ।यह पार्किंग

पुलिस के संरक्षण में चल रही है। क्योंकि जहां पर यह पार्किंग बनाई गई है और पार्किंग के लिए एक बैरियर लगाया गया है , उस स्थान पर जहां यह पार्किंग ठेकेदारों के साथ ही चार-चार पुलिस कर्मचारी भी तैनात रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति ज्यादा हिल हुज्जत करता है ,तो यह पुलिसकर्मी उसको भयभीत कर गाडी सीज करने तक की धोंस देते हैं खासकर उस व्यक्ति के साथ जिसकी गाड़ी का नंबर बाहर का होता है ।

उसकी जेब को खँगाल कर ही उसको छोड़ा जाता है। कोई कुछ कर ले यहां पर सुधार होना बहुत मुश्किल है। हो सकता है सुधार हो भी जाय इसके लिए अधिकारियों को दृढ़ निश्चय करना होगा । नगर निगम के मान्य नगर आयुक्त महोदय अगर अपने निचले कर्मचारियों को हिदायत दे दें कि अगर कोई भी अतिक्रमण यहाँ पाया गया तो जिम्मेदारी आप लोगों की होगी।

और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर की पौड़ी चौकी इंचार्ज को हिदायत दे दे की अगर हर की पौड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया तो आपको लाइन पहुंचा दिया जाएगा या आपको निलंबित कर दिया जाएगा।

फिर हम देखते हैं कैसे वहां अतिक्रमण हो जाता है ।लेकिन इतना बड़ा कदम यह दोनो अधिकारी उठाये भी तो कैसे , हो सकता है कोई मजबूरियां हो ।इसलिए अतिक्रमण हटाने की नौटंकी की जाती है और अतिक्रमण कारी पुनः वहां आकर बस जाते हैं।

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