देहरादून
उत्तराखंड के चर्चित N H 74 घोटाले का जिन्न फिर से बाहर आ गया है। पीसीएस अधिकारी डी पी सिंह के घर E D की छापेमारी चल रही है यह छापेमारी होने से इस मामले के अन्य अधिकारी जो मलाईदार कुर्सियों पर विराजमान है में हड़कंप मचा हुआ है। डी पी सिंह इस प्रकरण में जेल भी रहकर आ चुके हैं लेकिन अब वह डोईवाला में चीनी मिल के प्रशासक बन गए थे। लेकिन E D ने फिर से इस घोटाले की जांच शुरू कर दी है जिसको लेकर उत्तराखंड के उन भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


डी पी सिंह के सभी फाइल फोटो है,जिस समय डी पी सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
जो इस घोटाले में शामिल थे । N H 74 घोटाला करोड़ों रुपए का घोटाला है । इस घोटाले को सरकार ने लगभग ठंडे बस्ते में डाल दिया था। और आरोपियों को मलाईदार कुर्सियों से नवाज दिया था।लेकिन E D ने इस मामले की फाइल पुनः खोलकर इस प्रकरण के मुख्य आरोपी डीप सिंह के ऊपर ही सबसे पहले हाथ डाला है और उसके घर छापेमारी चल रही है।
क्या है एनएच-74 घोटाला?
एनएच-74 मुआवजा घोटाला ( NH 74 Scam) उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटालों में एक माना गया है।
यह घोटाला वर्ष 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार बनने के तत्काल बाद सामने आया था।
राष्ट्रीय राज मार्ग के चौड़ीकरण में मुआवजा राशि आवंटन में तकरीबन 250 करोड़ के घोटाले की आशंका है।
आरोप है कि मिलीभगत से अपात्र व्यक्तियों को मुआवजा राशि वितरित की गई।
इसकी जांच एसआइटी ने भी की।
अब तक जांच में एसआइटी घोटाले की पुष्टि कर अधिकारियों व किसानों समेत 30 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है।
इस प्रकरण में दो आइएएस अधिकारी भी निलंबित हुए थे, जिन्हें बाद में शासन ने क्लीन चिट दे दी।


