देहरादून। सभी जनपद प्रभारियों को ईद-ए-मिलाद/मिलाद-उल-नबी (बारावफात) के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति/कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यक पुलिस प्रबन्ध करने, थाना स्तर पर सीएलजी एवं पीस कमेटी की बैठकें आज ही आयोजित करने, पर्व पर भीड़ के आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए सुचारू यातायात व्यवस्था हेतु यातायात प्लान बनाने हेतु निर्देशित किया गया। ताकि सार्वजनिक स्थलों पर आतिशबाजी के कारण आवागमन में असुविधा न होने के साथ ही जुलूस के आयोजकों को पूर्व की भान्ति परम्परागत मार्गों से ही जुलूस को ले जाने हेतु निर्देशित किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक ने विवेचनाओं को लेकर की गई अपेक्षाओं से अधिकारियों को अवगत कराते हुए निर्देशित किया गया कि प्रत्येक लम्बित विवेचना न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने में विलंब करती है। अतः यह अनिवार्य है कि सभी लम्बित विवेचनाओं का निस्तारण निश्चित समयसीमा में किया जाए।

सभी जनपद प्रभारियों को अपने-अपने जनपद में लम्बित विवेचनाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर उनकी प्रगति का परीक्षण, शेष रह गई कमियां/कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिये गये। गैंगस्टर एक्ट के लम्बित विवेचनाओं में शेष कार्यवाही को जिलाधिकारी से समन्वय करते हुए कार्यवाही तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
उक्त के अतिरिक्त दोनों परिक्षेत्र प्रभारियों को भी अपने निकट पर्यवेक्षण में लम्बित मूल विवेचना, पार्ट पेण्डिग एवं पुर्नविवेचनाओं, विशेषकर 02 वर्ष से अधिक समय से लम्बित की समीक्षा करके निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। विवेचना में शिथिलता व लापरवाही बरतने वाले विवेचकों की जवाबदेही तय करके नियमानुसार कार्यवाही की जाए। समीक्षा गोष्ठी में नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, नवनीत भुल्लर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

