15 Feb 2026, Sun
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अपराध एवं कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष जोर, साइबर अपराधों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश: एडीजी

नये आपराधिक कानूनों, ई-एफआईआर और तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर बल

देहरादून। पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा दिनांक 30 अगस्त, 2025 को आयोजित अपराध एवं कानून व्यवस्था संबंधी समीक्षा गोष्ठी में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा हेतु *आज डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा गढ़वाल एवं कुमाऊं रेंज सहित एसटीएफ एवं समस्त जनपदों के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक* आयोजित की गई।

बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली में *आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग, साइबर अपराध सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर त्वरित नियंत्रण और आम जन की सुरक्षा* सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें *एसटीएफ, समस्त जनपदों के एसओजी, डीसीआरबी, सीसीटीएनएस, एएचटीयू, सीनियर सिटिजन, पोर्टल प्रभारी सहित सभी अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी* भी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश

वर्तमान में चल रहे *महिला अज्ञात शवों की शिनाख्त सम्बन्धी अभियान* में की गयी कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा करते हुए *शेष अज्ञात शवों की शीघ्र शिनाख्त* कराने हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार *महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के अन्तर्गत मिसिंग प्रकरणों* के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुये सभी जनपदीय प्रभारियों को इस सम्बन्ध में *पुलिस मुख्यालय से जारी एसओपी* का पालन करने के निर्देश दिये गये। *महिला एवं बच्चों की गुमशुदगी में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एंगल को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच* करने हेतु निर्देशित किया

सीनियर सिटिजन तथा एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे नागरिकों से लगातार सम्पर्क* करने तथा उनके साथ होने वाले अपराधों में त्वरित कार्यवाही करते हुये उनको पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिये गये।

महिला सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों एवं *जन जागरुकता अभियानों को और अधिक प्रभावी* बनाया जाए।

साइबर धोखाधड़ी / अपराध से सम्बन्धित शिकायतों में आवश्यक रूप से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज* करने एवं व्यापक जन जागरुकता अभियान संचालित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।

नये आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत *ई-एफआईआर, जीरो-एफआईआर आदि जन सुविधाओं* का ध्यान रखते हुये इनमें नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

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