अलीगढ़ । अलीगढ़ की रहने वाली अन्नपूर्णा पुरी उसका पति अशोक पांडे लोगों को ब्लैकमेल किया करते थे ।यह कहना है मृतक के पिता व हरिद्वार के एक संत आनंद स्वरूप का आनंद स्वरूप के अनुसार सबसे पहले अन्नपूर्णा उन्हीं के आश्रम में आई थी। उस समय उसने उनसे गुरु दीक्षा ली थी। और उनके आश्रम में ही रहने लगी थी ।जिस समय अन्नपूर्णा ने गुरु दीक्षा ली थी उस समय वह काफी युवा और सुंदर थी लेकिन धीरे-धीरे अन्नपूर्णा की करतूतो का पता आनंद स्वरूप को चला तो उन्होंने अन्नपूर्णा को अपने आश्रम से निकाल दिया उसके बाद अन्नपूर्णा दिल्ली चली गई और निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर भी इस बीच वह बन गई।

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर बन जाने के बाद उसने और उसके पति ने एक फर्जी संस्था बना ली और उस संस्था के माध्यम से ही उसने एक बार महात्मा गांधी की प्रतिमा पर गोलियां चलाकर अपने आप को लेडी गौड़से घोषित करने का भी प्रयास किया, महात्मा गांधी की प्रतिमा पर गोली चलाने के आरोप में पुलिस ने अन्नपूर्णा व उसके पति अशोक को गिरफ्तार किया था लेकिन वे बाद में छूट गए थे।
अन्नपूर्णा के बड़े नेताओं से भी हो गये थे सम्पर्क।
उसके बाद से अन्नपूर्णा बड़े-बड़े लोगों से अपने संपर्क बनाने लगी जिसमें केंद्रीय मंत्री , उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व कई अधिकारी भी शामिल है ।अन्नपूर्णा पुरी युवा लड़कों को भी आकर्षित कर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया करती थी। और उन्हें ब्लैकमेल कर उनसे भी पैसे अन्नपूर्णा का पति हड़पा करता था ।

इसी तरह से अभिषेक गुप्ता को भी अपने जाल में फंसा लिया था,मैडम महामंडलेश्वर ने।
इसी तरीके का यह भी प्रकरण है अभिषेक गुप्ता मर्डर। अभिषेक गुप्ता व अन्नपूर्णा के पहले निकट के सम्बंध थे लेकिन बाद में अभिषेक ने अन्नपूर्णा से अलग होकर एक बाइक का शोरूम खोल लिया था ।जिसमें अन्नपूर्णा उससे आधा हिस्सा मांगती थी। लेकिन अभिषेक के मना करने पर अन्नपूर्णा व उसके पति ने दो सुपारी किलरों फजल व आसिफ को 3 लाख रु में अभिषेक की हत्या करने की सुपारी दे दी। जिसके लिए अन्नपूर्णा के पति ने ही सुपारी किलरों को पैसे दिए थे ।

अलीगढ़ पुलिस ने किया अभिषेक गुप्ता की हत्या का पर्दाफाश, महामंडलेश्वर के पती अशोक पांडये व एक हत्यारे को भेजा जेल,महामंडलेश्वर हसीना व दूसरे सुपारी किलर की तलाश जारी।
अभिषेक की हत्या के बाद पुलिस ने सारे सीसीटीवी कैमरे छानकर अलीगढ़ पुलिस हत्यारो तक पहुंच गई है। और अलीगढ़ पुलिस ने एक हत्यारे व अशोक पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। व दूसरे सुपारी किलर व अन्नपूर्णा महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़े की पुलिस तलाश कर रही है। अलीगढ़ पुलिस का दावा है की वह शीघ्र ही महामंडलेश्वर और दूसरे हत्यारे को भी गिरफ्तार कर लेगी ।
मैडम महामंडलेश्वर का प्रयाग कुंभ में भी रहा जलवा। रसिक मिजाज गेरुआ वस्त्र धारी भी है, मैडम के दीवाने।
निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर बनने के बाद अभी हाल ही में प्रयाग कुंभ के दौरान भी अन्नपूर्णा पुरी के पूरे कुंभ मेले में काफी जलवे दिखाई दिए। क्योंकि वह है ही ऐसी की उनके लटके झटको को देख कोई भी आराम से आकर्षित हो सकता है। और रसिक मिजाज साधु संतों के तो कहने ही क्या वह तो अन्नपूर्णा के ऊपर लाखों ऐसे ही निछावर कर दें ।

हरिद्वार के एक अखाड़े के महंत की तो खास मानी जाती है, मैडम महामंडलेश्वर हसीना।महंत जी की कमजोरी है, रूपसी महिलाएं।
हरिद्वार के एक अखाड़े के रसिक मिजाज महंत जी। तो अन्नपूर्णा के काफी दीवाने रह चुके हैं। अन्नपूर्णा इन महंत जी के पास हरिद्वार आती रहती थी। महंत जी बेचारे वैसे तो दिल के बहुत अच्छे हैं लेकिन उनकी एक ही कमजोरी है कि वह रसिक मिजाज है, इस मामले में वे पूरे हरिद्वार में चर्चित है। कई बार इन रूपसियों के कारण वे लफड़ों में भी फंसते फंसते बचे है। यही कारण है की उन्हें काफी पैसा भी खर्च करना पड़ता है ।हालांकि महंत जी के रसिक होने की जानकारी हरिद्वार के सारे अधिकारी व राज्य के ज्यादातर नेताओ को भी हैं। लेकिन नेताओं को और अधिकारियों को तो आश्रम से प्रसाद मिल जाता है जिसकी नेताओं और अधिकारियों को चाहत होती है। काफी बार तो महंत जी को काफी मोटी मोटी रकम भी खर्च करनी पड़ जाती हैं ।
शौक के आगे पैसा महत्वपूर्ण नही होता।इनका एक साथी सन्त की भी युवा कन्याएं कमजोरी है।
एक अन्य हरिद्वार के ही गेरुआ वस्त्र धारी महंत जी के साथी हैं । महंत जी की बदौलत ही उनकी भी दुकान चलती है। वह भी रसिक मिजाज है उनके भी जलवे रसिक मिजाजी के पूरे देश की जनता ने पिछले प्रयाग कुंभ में देखे थे ।
इन महामंडलेश्वरो व मण्डलेश्वरनियो की यदि जांच हो जाये तो ज्यादातर के कारनामे सुन आप दांतो तले अंगुली दबा लेंगे।
ये जितने भी महामंडलेश्वर हैं या महामंडलेश्वरनी है। इनमें से अधिकांश कि यदि छानबीन और जांच हो जाए तो देश के सामने जो तस्वीर सामने आएगी इस देश की जनता दांतों तले उंगली दबा लेगी। और जो लोग इनके चरणों में शीश नवाते घूमते हैं। वह इनके चरणों को नीचे से पड़कर खींच लेंगे ।
सभी सन्त पाखंडी नही,कुछ सन्तो के तपोबल पर सनातन परम्परा जीवित है।लेकिन आशाराम बापू व राम रहीम जैसो ने जिस तरह कंलकित किया है।उसको कैसे भुलाया जा सकता है।

लेकिन सभी पाखंडी नही है ,कुछ है जिनकी वजह से ही सनातन परंपरा जीवित है। देश की जनता आसाराम बापू , राम रहीम महाराज जी और न जाने कितने महाराज जिनका असली रूप जनता देख चुकी है। जो मजबूर कन्याओं को अपनी हवस का शिकार बनाने से नहीं चुके हैं ।और तमाम साम दाम दंड भेद अपनाने के बावजूद उनको जेल जाना पड़ा ।जिनके चरणों में बड़े-बड़े नेता, मंत्री, अधिकार
सिर झुकाया करते थे और उद्योगपति तो अपने पूरे खानदान के साथ ही इनके आगे दंडवत रहा करते थे। लेकिन इनकी असलियत देखने के बाद शायद कुछ लोगों को अकल आई हो
हरिद्वार के लोगो की कब खुलेंगी आंखे। खुली हुई तो है भी ,लेकिन स्वार्थ ने कुछ लोगो की आँखे बंद कर रखी है।
हरिद्वार के लोगों को कब अकल आएगी, हरिद्वार के लोगों को वैसे अकल तो हम कह सकते हैं आई हुई है ।लेकिन हरिद्वार के कुछ लोगों के अपने स्वार्थ हैं। क्योंकि पूरे हरिद्वार में जितनी भी संपत्ति है। वह अधिकांश मठ, मंदिरों और अखाड़ों की है ,और इन मठ, मंदिरों अखाड़ों के महंतो की सेवा और चरण वंदना करने से ही मेवा मिल सकती है। इसलिए उनकी सेवा शहर के कुछ लोग करते है। और मेवा पाते है।
अन्नपूर्णा मैडम के पति अशोक पांडये अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपो को गलत बताते हुए अपने को निर्दोष बताते है।

