हरिद्वार ।हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी ट्रस्ट को एक सेठ जी ने 14 बीघा जमीन दान में इसलिए दी थी, की उस जमीन पर गौशाला का निर्माण कराया जाए ।और गायों के दूध को आश्रम के और मंदिर पर आने वाले लोगों को प्रसाद के रूप में प्रदान किया जाए।
लेकिन सेठ जी तो अपनी 14 बीघा जमीन दान देकर चले गए ,और वह जमीन जो इब्राहिमपुर के पास है। करोड़ों रुपए की हो गई है, लेकिन गौशाला के नाम पर वहां गाय का होना तो दूर की बात है ,गाय का गोबर तक दिखाई नहीं दे रहा है। अब यह जमीन किसको किस उपयोग के लिए दी गई है ,और इस जमीन से कितनी आमदनी मनसा देवी ट्रस्ट को हो रही है, यह कोई बताने वाला नहीं है,

गौ शाला के बारे में कौन बताएगा पता नही।
गौशाला के बारे में बताएगा भी तो कौन बताएगा, मंशा देवी ट्रस्ट के कर्ण धार बता सकते है ।लेकिन वह यहां पर बताने के लिए नहीं बैठे हैं, वे लोग तो वहाँ केवल और केवल कमाई के लिए बैठे हैं ,और जो कोई मुंह खोलता है, उसका मुंह बंद करने के कई तरीके कर्ण धारों के कर्ण धार के पास मौजूद है ,इसीलिए आज तक इस ट्रस्ट के ट्रस्टीयो का ना तो कोई सरकार कुछ बिगाड़ सकी ना ही कोई अधिकारी कुछ बिगाड़ सका है ,इनका कार्य निर्विघ्न रूप से चल रहा है और ऐसे ही चलता रहेगा। इस मंशा देवी मंदिर की दान की संपत्ति ट्रस्टियों को धनवान बनाती रहेगी।

