हरिद्वार।योगी के मुँह लग चुका है, सरकारी राशन की कालाबाजारी से होने वाली मोटी आमदनी का खून।
राशन माफिया योगी पर एक राशन विक्रेता का काफी पैसा बकाया है हरिद्वार में विगत 30 वर्षों से राशन माफिया योगी सक्रिय है इस योगी के मुंह इतना जबरदस्त राशन की कालाबाजारी का खून लग चुका है कि यह इस कारोबार को छोड़ने के लिए किसी भी कीमत पर तैयार नहीं है।
पिछले जिला अधिकारी कमरेंद्र सिंह ने इसकी करतूतो की शिकायतें मिलने पर इस योगी को ज्वालापुर के राशन गोदाम पर इसका प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। क्योंकि यह योगी ना तो राशन विक्रेता है और ना ही इसका कोई राशन से मतलब है
राशन विक्रेताओं को धमका कर उनका आधा राशन BHEL का राशन विक्रेता डॉन गोदाम पर ही ले लेता है।गोदाम के अधिकारियों की इससे मिली भगत है।
राशन माफिया योगी बाकायदा राशन गोदाम पर जाकर एस एम आई व एम आई की कुर्सी पर बैठकर पूरा रजिस्टर यही भरा करता था। इसी के हाथ की लिखावट रजिस्टर में चेक की जा सकती है। और राशन विक्रेताओं को धमकाकर आधा राशन यह उनसे ले लिया करता था। और उस राशन को राइस मीलों पर वह ब्लैक मार्केट में बेचा करता था।

जिसमें इसे लाखों नहीं करोड रुपए महीना की आमदनी थी। इस आमदनी में से गोदाम में कार्यरत एस एम आई व एम आई के अलावा डिप्टी व सप्लाई दफ्तर के कुछ कर्मचारियों का भी हिस्सा हुआ करता था लेकिन पिछले जिलाधिकारी कमरेंद्र सिंह ने इस योगी की करगुजारियों पर और इसके गोदाम पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन इसने अब अपने दो सहयोग योगो एक BHEL का राशन विक्रेता जो अपने आप को बाकायदा डॉन समझता है।
व दूसरा ज्वालापुर का एक राशन विक्रेता है यह दोनों ही अब गोदाम पर पहुंच कर वहां अपने हिसाब से राशन विक्रेताओं के नाम रजिस्टर में दर्ज करवाते हैं और इस कार्य में इन दोनों की मदद वर्तमान में एम आई करता है ।
खूनी जंग की आशंका, कभी भी चल सकती है गोलियाँ।
हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब किसी दिन भी गोदाम या गोदाम के बाहर गोलियां चल सकती है क्योंकि योगी ने काफी राशन विक्रेताओं का पैसा भी मार रखा है एक राशन विक्रेता ने योगी को खुली चुनौती दे दी है। की या तो वह उसका पैसा लौटा दे नहीं तो गोलियां भी चल सकती हैं ।
और इस राशन विक्रेता ने साफ-साफ शब्दों में योगी को कहा है कि तू यहां पर गोदाम पर किस हैसियत से आता है ना तो तू राशन विक्रेता है ना तेरा कोई मतलब है फिर तू यहां क्यों आता है यह बात सुन निर्लज्ज योगी की सिटी पिट्टी गुम हो गई। और वह अपनी मोटरसाइकिल को बैक करके तुरंत गोदाम से निकल लिया। तो हालत यह है कि करोड रुपए महीना की आमदनी वाले इस खेल में काफी लोग शामिल हैं।
योगी व चरनु डॉन के माल की वजह से ही फंसा था राशन विक्रेता इन दोनों ने ही उसकी दुकान में रखवाया था 2 सौ कट्टे चावल।
बताया यह भी जाता है कि ज्वालापुर के एक राशन विक्रेता की दुकान पर पिछले दिनों तत्कालीन जिलाधिकारी कमरेन्द्र सिंह के आदेश पर छापा मारा गया था तो उसके यहां ज्यादा मात्रा में राशन यानी चावल व गेहूं मिला था। और चावल के करीब 200 से ज्यादा कट्टे योगी वह उसके चेले चरनु डॉन द्वारा ही रखवाये गए थे ।

जिस वजह से यह राशन विक्रेता फंस गया था। और इसकी दुकान सील हो गई थी इस बात की भी जानकारी इस राशन विक्रेताओं को है। इस बात की खुंदक भी राशन विक्रेता को योगी और इसके चेलो से है ।लेकिन योगी और योगी के दोनों चेले अब विष्णु गार्डन में एक दुकान पर अपना अड्डा जमा चुके हैं।
अब योगी ने तीन लोगों के सुपुर्द राशन की ब्लैक मार्केटिंग का कारोबार कर दिया है ।और इस राशन की ब्लैक मार्केटिंग में योगी का ही पैसा लगा रहता है। मुनाफे में आधा हिस्सा योगी का होता है। और आधे में यह तीन लोग शामिल होते हैं। जिसमें चरनु डॉन राशन माफिया का इस समय आतंक चरम पर है।
जिलाधिकारी व एस एस पी ध्यान दें।
इस राशन की कालाबाजारी का कारोबार किसी दिन भी खूनी रंजिश में बदल सकता है। क्योंकि कभी भी अब यहां गोलियां भी चल सकती है। इस ओर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गौर करने की आवश्यकता है और जिलाधिकारी को चाहिए कि वह इस बात पर गौर करें की योगी नाम का यह राशन माफिया राशन गोदाम पर क्या करने आता है
।व भेल का राशन माफिया डॉन तथा ज्वालापुर का एक राशन माफिया डॉन किस हैसियत से राशन दुकानों को धमकाकर उनसे राशन लेते हैं और ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं। इस पर गौर करने की आवश्यकता जिले के उच्च अधिकारियों को है अन्यथा किसी दिन भी यहां खूनी खेल हो सकता है।

