हरिद्वार। चंदू व योगी ने चार दिन पूर्व ही किया है बड़ा खेल,पुराने राशन दुकानदारों ने जब चंदू से इस खेल के बारे में पूछा, तो उसका जवाब था बड़े अधिकारी मेरी जेब मे रहते है, मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता।जो चाहूंगा वो करूँगा।
नए डी एस ओ को पुष्प गुच्छ भेंट जो किये है ,इस लिए इन राशन माफियाओं का भला कोई क्या बिगाड़ पायेगा।पुष्प गुच्छ की एवज में राशन माफिया कुछ तो चाहेंगे ही । डी एस ओ साहब भी किसी का एहसान नही रखते, हाथो हाथ उतार देते है।
हरिद्वार में सरकारी सस्ते गल्ले के राशन की कालाबाजारी के कार्य में इस समय योगी और उसके दो केले चंदू और एक ज्वालापुर का राशन माफिया इन तीन लोगों ने अपना झंडा गाड़ रखा हैं, चंदू राशन दुकानदारों को कहता फिरता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि उचच अधिकारी मेरी जेब में रहते हैं, इसी तरीके से राशन बेचूंगा देखता हूँ ।

मेरा कोई क्या बिगड़ता है, बात भी सही है जब आज तक इसके गुरु योगी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया तो इसका कोई क्या बिगाड़ पाएगा, गोदाम पर भी इसने अपना पूरा कब्जा जमा रखा है, गोदाम पर भी इसको रोकने टोकने वाला कोई नहीं है, अपनी मर्जी के जिस कर्मचारी को जिस कुर्सी पर चाहता है उस कुर्सी पर बैठा देता है, जो इसका हुक्म नही मानता उसको हटवा देता है।
राशन विक्रेताओं से खुले आम जितना चाहे उतना राशन गोदाम पर ही रखवा लेता है, कोई दुकानदार आनाकानी करता है तो उसके यहा अपने पार्टनर पूर्तिनिरीक्षक से छापा लगवा देता है।

हालत यह है की राशन विक्रेताओं से खुलेआम गोदाम पर ही अपने गुरु योगी के इशारे पर राशन रखवा लेता है ,और जो राशन विक्रेता आनाकानी करता है उसकी दुकान पर यह चंदू अपने एक मुंह लगे पूर्ति निरीक्षक के द्वारा उस राशन दुकानदार की दुकान पर छापा लगवा देता है। और इसी के डर से राशन विक्रेता इसको अपना राशन देने में मजबूर हो जाते हैं। इस पूर्ति निरीक्षक की भी इन राशन माफियाओं के साथ पार्टनरशिप बताई जाती है। पार्टनरशिप के कारण ही यह राशन माफियाओं के इशारों पर काम करत हैं।
और जो दुकानदार इन राशन माफियाओं चंदू व योगी को माल देने में आनाकानी करते हैं उनकी दुकान पर यह पूर्ति निरीक्षक महोदय जा धमकते हैं और उसका रजिस्टर कब्जे में लेकर उसकी रेल बनाने पर आमादा हो जाते हैं ।इसीलिए राशन विक्रेता इन लोगों को अपना माल देने में मजबूर है।इसी लिए इनका गोरख धंधा धड़ले से जारी है। क्योंकि उचच अधिकारी तो चंदू की जेब में रहते हैं । तो सबसे बड़े वाले तो निश्चित योगी की जेब मे रहते ही होंगे।

