हरिद्वार। हरिद्वार मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रविन्द्र पूरी इतने शक्तिशाली हैं कि वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश नहीं मानते हैं ।हाई कोर्ट ने मंशा देवी ट्रस्ट के पदेन सदस्य के रूप में हरिद्वार के जिला अधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को वर्ष 2013 में नामित किया था। लेकिन उसके बाद अध्यक्ष जी सुप्रीम कोर्ट चले गए थे ,सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि जब आप ईमानदारी से काम करते हैं तो डीएम एसएसपी को पदेन सदस्य बनाने में आपको क्या आपत्ति है ।

बावजूद इसके आज तक डीएम एसएसपी को पदेन सदस्य बनाया ही नहीं गया है। यही कारण है के आज तक जितनी भी बैठक हुई हैं, या नही हुई है। उन बैठकों में डीएम एसएसपी को बुलाया ही नहीं गया ।डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने पहली बार अभी हाल ही में बैठक बुलाई की थी और मंशा देवी मंदिर पर बहुत खामियां पाई थी ।

जिलाधिकारी, हरिद्वार
जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ट्र्स्ट ने पदेन सदस्य बनाया ही नही।
लेकिन उन ख़ामियों को वह दूर करें इससे पहले ही उन्हें पता चला कि उनको तो अभी तक ट्रस्ट ने पदेन सदस्य बनाया ही नहीं है ।यह सीधे-सीधे मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी द्वारा हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। लेकिन अध्यक्ष जी के लिए हाई कोर्ट का आदेश कोई मायने नही रखता है ना ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश कोई मायने रखता है। उनके लिए तो जो आदेश मायने रखते हैं। वह है केवल और केवल नकद नारायण उसी के बलबूते वे अपने आदेश स्वयं खुद ही चलाते हैं ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार
और मनसा देवी मंदिर पर अपनी मर्जी से वहां आने वाले धन की बंदर बांट की जाती है ।वहां आने वाला चढ़ावा किसी भी तरीके के सामाजिक कार्य में नहीं लगाया जाता है। लेकिन हिम्मत देखिए की हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी रविंद्र पुरी किस तरह अवेलना करते हैं।यही हाल चंडी देवी व गंगा सभा का है।वहाँ पर भी DM व SSP को कागज़ो में सदस्य नही माना गया है। जबकी हाई कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को पदेन सदस्य बनाने के आदेश वर्ष 2013 में दिए थे।12 वर्ष तक मंशा देवी , चंडी देवी व गंगा सभा ने हाई कोर्ट के आदेशों की कोई परवाह ही नही की है।

