हरिद्वार, कनखल।
शिक्षक दिवस के अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में कांग्रेसयो द्वारा एक भव्य शिक्षक दिवस सम्मान समारोह एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह के साथ ही वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने न केवल शिक्षकों और वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को रेखांकित किया, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा की जड़ों को भी पुनर्जीवित किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के महंत श्री राघवेंद्र दास जी महाराज ने की।

पूर्व महिला आयोग की अध्यक्ष संतोष चौहान
ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओ.पी. चौहान
हरिद्वार नगर निगम की प्रथम मेयर श्रीमती अनीता शर्मा।के अलावा अनेक कोंग्रेसी नेता मौजूद थे।कार्यक्रम के संयोजक अशोक शर्मा, पूर्व नगरपालिका सभासद थे।

शिक्षकों, पत्रकारों और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान
कार्यक्रम में हरिद्वार के शिक्षकों और वरिष्ठ नागरिकों को समाज की धुरी बताते हुए सम्मानित किया गया।
विशेष रूप से, वरिष्ठ पत्रकार नरेश गुप्ता, स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़, रतनमणि डोभाल, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, लव शर्मा सहित अन्य पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।

हरीश रावत का संवेदनशील संदेश
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस अवसर पर घोषणा की कि इस समारोह में सम्मान का स्वरूप केवल शाल और स्मृति चिन्ह तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि—

“गुरु और पत्रकार का सम्मान किसी वस्तु से नहीं, बल्कि उनके ज्ञान, संघर्ष और समाज के लिए किए गए योगदान को प्रणाम करने से होता है। यही असली श्रद्धांजलि और सच्चा सम्मान है।”

सम्मान की असली परिभाषा भावनात्मक स्वीकार्यता और आत्मीयता में है।
शिक्षक और वरिष्ठ नागरिक सभ्यता और संस्कृति के आधारस्तंभ हैं।

पत्रकार समाज का दर्पण हैं, उनका सम्मान लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है।

