15 Feb 2026, Sun
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माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर सिंह धामी जी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने जनपद में फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।

आज दिनांक 18अगस्त को श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री मणिकांत मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में, बाजपुर पुलिस ने झाड़-फूंक और इलाज के नाम पर मासूम लोगों को ठगने और युवतियों के साथ छेड़छाड़ एवं शोषण करने वाले एक बेहद शातिर तांत्रिक को दोराहा चौक से 200 मीटर आगे रामपुर रोड पर गिरफ्तार किया है।

यह मामला बाजपुर के चौकी दोराहा इलाके का है, जहां एक महिला की दो बेटियां, लंबे समय से बीमार थीं। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद जब उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुका था। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर, एक परिचित ने उन्हें कनौरा गांव में रहने वाले महमूद नाम के एक व्यक्ति के बारे में बताया, जो खुद को सिद्ध तांत्रिक और चमत्कारी बाबा बताता था।

आरोपी की ठगी की परतें
पुलिस की गहन जांच में आरोपी महमूद की ठगी की कई परतें सामने आई हैं। वह लोगों को फंसाने के लिए एक सुनियोजित रणनीति का इस्तेमाल करता था:

हिंदू नाम से जालसाजी
महमूद अपने नाम का इस्तेमाल नहीं करता था। वह खुद को एक हिंदू नाम से पेश करता था ताकि लोगों को उस पर आसानी से विश्वास हो जाए। वह जानता था कि भारत में धार्मिक आस्था का महत्व कितना अधिक है, इसलिए वह इसी विश्वास का फायदा उठाता था।

भावनात्मक कमजोरी का शिकार
वह विशेष रूप से उन परिवारों को निशाना बनाता था जो किसी बीमारी, गरीबी या पारिवारिक समस्या से जूझ रहे होते थे। ऐसे लोग निराशा में होते हैं और किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार होते हैं। महमूद उनकी इस भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाता था।

सम्मोहन का मनोवैज्ञानिक खेल
जांच में पता चला है कि महमूद सिर्फ झाड़-फूंक का ढोंग नहीं करता था, बल्कि वह सम्मोहन शक्ति का उपयोग भी करता था। वह पीड़ितों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता था, जिससे वे उसकी बातों में आ जाते थे और उसकी हर आज्ञा का पालन करने लगते थे।

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