हरिद्वार।
बाथरूम जाने तक के लिए नहीं है कोई स्थान ।
हरिद्वार तहसील में स्थित रजिस्ट्री दफ्तर में जहां प्रतिमाह करोड़ों रुपए की रजिस्ट्री होती है, और सैकड़ो करोड़ का स्टाम्प प्रतिमाह बिकने के बाद यह पैसा राज्य सरकार के खाते में चला जाता है। लेकिन इस रजिस्ट्री दफ्तर पर जहां करोड़ों रुपए रोज का लेनदेन होता है वहां बाथरूम जाने तक के लिए लोग परेशान है। गंदगी का आलम यह रहता है की यहां कोई सफाई करने वाला भी नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत यहां उन महिलाओं को होती है जो यहां रजिस्ट्री करने के लिए आती है ।

और उनको यदि बाथरूम जाना पड़ जाए तो कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है इन महिलाओं के लिए की जो बाथरूम भी जा सके, यह हाल है इस रजिस्ट्री दफ्तर का ,यह वह रजिस्ट्री दफ्तर है जहां रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारियों को भी अच्छी खासी मोटी आमदनी अतिरिक्त सुविधा शुल्क के रूप में होती है ।लेकिन यह सुविधा शुल्क उनकी जेब में ही पहुंचता है ।

यदि यह रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारी भी चाहे तो यहां एक बाथरूम आराम से बनवाया जा सकता है ।लेकिन इस ओर किसी को देखने की आवश्यकता नहीं है ।साथ ही रजिस्ट्री दफ्तर पर बैठने वाले वकील हो या कातिब हो इनकी भी अच्छी खासी कमाई इस रजिस्ट्री दफ्तर से होती है। लेकिन इनको भी इस और देखने का समय नहीं है, कि एक बाथरूम ही साफ सुथरा बनवा दिया जाए ।जिससे यहां आने वाले लोगों को जिनमे खासकर महिलाएं भी होती हैं। उनको कोई परेशानी ना हो।

जिलाधिकारी जी आप ही एक बाथरूम बनवा दिजिये।
हमारा जनपद के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से अनुरोध है ।कि वह इस और ध्यान देकर यहां एक बाथरूम की व्यवस्था कर दें जिससे यहां आने वाले लोगों को कोई दिक्कत ना हो जिसमें खासकर महिलाएं काफी परेशान रहती हैं उम्मीद है कि जिलाधिकारी इस ओर ध्यान दे कर इस समस्या का निदान करेंगें।

जिलाधिकारी, हरिद्वार

