देहरादून। पीड़ित को झांसे में लेने के लिये सोशल मीडिया प्लेटफार्म का किया गया था प्रयोग ।
अलग-अलग व्हाटसप ग्रुपों में जोड़कर पीडितों को ऑनलाईन शेयर ट्रेडिंग की दी जाती थी ट्रेनिंग
धोखाधडी को अंजाम देने के लिये गूगल प्ले स्टोर पर फर्जी Canyon Assets नाम की एप रजिस्टर करायी गयी थी ।
अभियुक्त द्वारा धोखाधडी के लिये प्रयोग किये गये बैंक खातों में 4-5 महीने में ही किया गया है करोडों रूपयों का लेन देन ।
देश भर के 13 राज्यों में भी अभियुक्त के विरूद्ध साईबर धोखाधडी की 30 शिकायतें हैं दर्ज ।
अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन, आधार कार्ड, 01 पैन कार्ड, 09 विभिन्न डेबिट कार्ड, 06 विभिन्न कम्पनियों के सिम कार्ड, 01 चैक ।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड
दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में साईबर धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुये साईबर पीड़ितो को न्याय दिलाया जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 नवनीत सिंह* द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण खटीमा, उधम सिंह नगर निवासी चिकित्सक द्वारा मार्च 2025 में दर्ज कराया जिसमें उनके द्वारा माह फरवरी 2025 में उन्हें व्हाटसप एप पर अज्ञात नम्बरों से व्हाटसप पर मैसेज भेजकर शेयर मार्केट में ऑनलाईन इन्वेस्टमेण्ट किये जाने के नाम पर विभिन्न बैंकों में 81 लाख रूपये की धनराशि धोखाधड़ी से जमा करायी

