15 Feb 2026, Sun
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हरिद्वार के प्रमुख मंदिर मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की इसी माह हो सकती है बैठक ,जिलाधिकारी हरिद्वार कर रहे हैं प्रयास, विगत कई वर्षों से ट्रस्ट की नहीं हुई है बैठक ,2011 में हाईकोर्ट ने मनसा देवी ट्रस्ट का पदेन सदस्य बनाया था डीएम और एसएसपी को, आज तक नहीं शामिल हो पाए हैं किसी बैठक में डीएम और एसएसपी।

हरिद्वार।हरिद्वार के प्रसिद्ध तीर्थ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की बैठक इसी माह हो सकती है ,हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित इस बार बैठक बुलाने की पहल कर रहे हैं ।इस ट्रस्ट के हरिद्वार के जिला अधिकारी व पुलिस कप्तान पदेन सदस्य है ,अन्य तीन सदस्यों में अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी व अन्य दो सदस्य अनिल शर्मा व राजगिरी हैं ।अनिल शर्मा नारियल चुन्नी चढ़ावे में आने वाली धनराशि सोना चांदी हीरे जवारत को अपनी निगरानी में रखते हैं ।

ट्रस्टियों को नही मिलता है कोई वेतन,फिर भी है, करोड़पति

मंशा देवी मंदिर पर आने वाले सारे चढ़ावे का सारा कार्य अनिल शर्मा ही देखते हैं ,अनिल शर्मा इस ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं इसलिए उन्हें यहां से कोई वेतन भी नहीं मिलता है लेकिन उनके ठाट बाट करोड़पति तो छोड़िए अरबपति से भी कम नहीं है, अब रही बात तीसरे ट्रस्टी राजगिरी की वह महाराज जी के खास माने जाते हैं ।अब अगर कोई बैठक होती भी होगी तो गुपचुप तरीके से यह तीनों लोग ही कर लेते होंगे ।

अध्यक्ष जी ,मंशा देवी ट्रस्ट

वर्ष 2011 में हाई कोर्ट ने D M व S S P को बनाया था।ट्रस्ट का पदेन सदस्य।हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे ईमानदारी से कार्य करने वाले ट्रस्टी, वहां से नही मिली थी कोई राहत

किसी भी एसएसपी या जिलाधिकारी को 2011 से लेकर आज तक किसी भी ट्रस्ट की बैठक में नहीं बुलाया गया है। हालांकि जब हाईकोर्ट ने 2011 में डीएम और एसएसपी को पदेन सदस्य ट्रस्ट का बनाया था। उस समय भी ट्रस्ट के ट्रस्टी हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट गए थे ।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन ट्रस्टियों की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी की जब आप ईमानदारी से काम करते हैं तो अगर D M और एसएसपी वहां पदेन सदस्य होंगे तो इसमें आपको क्या हर्ज है ।लेकिन उसके बावजूद आज तक डीएम एसएसपी को कभी किसी बैठक में नहीं बुलाया गया हां इतना जरूर है की मनसा देवी की चुनरी और प्रसाद के नाम पर अधिकारियों के यहां प्रतिमाह प्रसाद जरूर पहुंचता है। और इस काम के लिए एक कर्मचारी मुस्तैद है । इस कर्मचारी का पूरे मनसा देवी मंदिर पर हुकुम चलता है ।और अभी हाल ही में मनसा देवी पर जो घटना घटित हुई है ,उसमें भी ज्यादा जिम्मेदार इसी व्यक्ति को मान रहे हैं। लेकिन यह तो जांच का विषय है की कौन जिम्मेदार है कौन जिम्मेदार नहीं है ।हम इस बात को पुष्टि के साथ व दावे के साथ नहीं कह सकते की इस व्यक्ति की उस दिन की घटना में क्या भूमिका थी।

बिना वेतन वाले ट्रस्टी साहब की तैयार होती कोठी।

जिलाधिकारी बुलाएंगे ट्रस्ट की बैठक, ईमानदारी से की गई करोड़ो की हेराफेरी का हो सकता है पर्दाफाश।

हरिद्वार के जिलाधिकारी को यह पता चला की मां मनसा देवी मंदिर पर आने वाले चढ़ावे और नारियल के कारोबार में करोड़ों का खेल हो रहा है। इस लिए उन्होंने बैठक बुलाने की शुरूवात कर दी है जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार ट्रस्ट की बैठक इसी माह बुलाई जाएगी ।और ट्र्स्ट की अब तक की कारगुजारियों को देखा जाएगा। यदि घपला पाया जाता है तो इसके लिए जो लोग जिम्मेदार होंगे उनकी जिम्मेदारी तय कर जो भी नियम होगा उसको लागू करते हुए कार्रवाई की जायेगी।

लगता नही अध्यक्ष जी होने देंगे बैठक। काफी समय से ट्रस्ट का नही हुआ है नवीनीकरण।

भले ही जिलाधिकारी कह रहे हो की बैठक इसी माह होगी, लेकिन मनसा देवी ट्रस्ट के कर्ताधर्ता और अध्यक्ष जी कभी नहीं चाहेंगे की बैठक हो ,और ट्र्स्ट की कारगुजारियों की भनक अधिकारियों के माध्यम से लोगों को लगे ।अब देखना यह है की यह बैठक कब होती है और इस बैठक में क्या-क्या निर्णय सामने आते हैं। मनसा देवी मंदिर पर रोजाना लाखों रुपए का चढ़ावा आता है जिसमें कम से कम दस हजार श्रद्धालु तो नारियल ही चढ़ाते हैं। एक नारियल की कीमत 40 से 50 रु है ।और यह नारियल कई महीनो तक एक ही नारियल ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर होता रहता है।यह काम मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा जी के पास है जबकि चुन्नी साड़ी और मां के श्रंगार का और सामान का भी बाकायदा रीसाइकलिंग होता रहता है । इस लाखों रुपए रोज की आमदनी से महीने में करोड़ों रुपए की आमदनी की जांच ट्रस्टी कैसे होने देंगे।

जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान की जोड़ी।

जिन्होंने आज तक जांच होने ही नहीं दी ,एक बार तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह ने इन ट्रस्टियों के कागजात खंगालना शुरू किए था । तो इन ट्रस्टीयो की परेशानी देखते लायक थी। इसी बीच जय भारत सिंह का स्थानांतरण हो गया ।उसके बाद से आज तक यह कारोबार निर्विघ्न रूप से चल रहा है। वर्तमान में पदेन सदस्य जिलाधिकारी की तरफ से इस ट्रस्ट की देखभाल की जिम्मेदारी हरिद्वार की सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान के पास है। लेकिन कुसुम चौहान को भी आज तक मनसा देवी ट्रस्ट के कार्यों की ओर देखने का समय नही मिला। और ना ही उन्होंने कभी इस ट्रस्ट की आय वय के कागज देखने की जहमत उठाई है ।कुसुम चौहान के पास भी प्रतिमा प्रसाद की टोकरी आ जाती है ,और वह भी मंशा देवी का प्रसाद ग्रहण कर अपने को धन्य समझती है ।और ट्रस्ट निर्विघ्न रूप से अपने कार्य में लगा हुआ है। इस मंशा देवी मंदिर से इस कदर चढ़ावे की आमदनी है । की यहां का पैसा ही अंधाधुंध खर्च किया जाता हैं। हर चीज को पैसे से खरीद लिया जाता हैं। क्योंकि हर चीज यहां बिकाऊ है ।लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो बिकाऊ नहीं है ,इसलिए हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व एसएसपी इस बार बैठाक करने के मूड में दिखाई दे रहे है।

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