हरिद्वार।
तिवारी जी ने डाली थी परम्परा
उत्तराखंड में दर्जाधारी मंत्री बनाने की परंपरा कांग्रेस के दिवंगत मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने डाली थी । नारायण दत्त तिवारी ने इतने दर्जाधारी मंत्री बना दिए थे के बिरला घाट हरिद्वार पर जमीन में बैठ कर एक चूड़ी बेचने वाले तक को दर्जाधारी मंत्री बनाकर लाल बत्ती वाली गाड़ी से नवाज दिया था। उसके बाद से दर्जाधारी मंत्री बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है ।यह दर्जाधारी मंत्री किस लिए बनाए जाते हैं।
यह ना तो इन दर्जाधारी मंत्रियों को पता है ।और ना दर्जाधारी मंत्री बनाने वाले मुख्यमंत्रीयो को पता होता है ।बस केवल इनको दर्जाधारी मंत्री के पद से नवाजना होता है।जिससे इनकी इनके अपने शहर में हवा बनी रहे । सरकार हटने के बाद भी अपने नाम के आगे पीछे पूर्व राज्य मंत्री लिखते हैं ।यह नहीं बताते की हमारे पास कोई काम नहीं था। एक बार जब तिवारी जी हरिद्वार में थे तो मैंने खुद पूछ लिया कि आपने हजूर इतने लाल बत्ती धारी बना दिए हैं कि सड़क पर लाल बत्ती लाल बत्ती दिखाई देती है।
तो पंडित नारायण तिवारी जी ने कई पत्रकारों व अधिकारियों के सामने मुझसे कहा था की नरेश जी ट्रकों के ऊपर भी लाल बत्ती लगी रहती है ।फिर मैंने कहा कि क्या इन्हें ट्रक वाली लाल बत्ती समझा जाए।तो तिवारी जी मेरा हाथ दबाते हुए मुस्कुरा कर आगे निकल गए थे। लेकिन दिवंगत तिवारी जी के बाद से दर्जा धारी बनाने की परम्परा शुरू हो गई है।जो आज तक जारी है। उसके बाद से आज तक तमाम दर्जाधारी मंत्री बनाए जाते रहे।

पहली बार देखा दर्जा धारी का जलवा।
पहली बार देखने को मिल रहा है दर्जाधारी मंत्री का जलवा। इसे कहते हैं दर्जाधारी मंत्री हरियाणा के रहने वाले ओम प्रकाश जमदग्नि बीजेपी के नेता कहलाए जाते हैं। हालांकि उनकी मित्रता कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं जिसमें हरियाणा से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी भी हैं उनसे भी काफी निकट की मित्रता है लेकिन जमदग्नि जी को वर्तमान में बीजेपी के नेताओं के साथ ही फायदा नजर आता है तो यह काफी समय से आज से नहीं मुख्यमंत्री रहे निशंक जी के समय से निशंक जी के साथ है।
हालांकि जब प्रदेश में रमेश पोखरियाल निशंक मुख्यमंत्री थे,तब मुख्यमंत्री रहते पहले मदन कौशिक के खास हुआ करते थे। लेकिन कुंभ मेले में दोनों के बीच ही ना मालूम किस बात को लेकर खटास आ गया और उसके बाद, ओमप्रकाश जमदग्नि जी जो वर्तमान में दर्जा धारी मंत्री हैं वह निशंक जी के करीब आ गए। और आज तक उनके करीब हैं।

निशंक व जमदग्नि में भाई जैसे रिस्ते है।
निशंक जी और जमदग्नि जी एक तरीके से छोटे-बड़े भाई कहलाए जाते हैं निशंक जी हरिद्वार प्रवास के दौरान जमदग्नि जी के होटल में ही रुकते है। होटल में निशंक जी का बाकायदा एक कक्ष आरक्षित है ।वह कक्ष पूरा होटल फुल होने जाने के बाद भी किसी को दिया नहीं जाता है। और निशंक जी का जमदग्नि जी के विशाल महल पर भीआना जाना लगा ही रहता है । निशंक जी का अधिकांश कार्य जमदग्नि जी ही देखते है।निशंक जी जब केंद्र में मंत्री थे।तब भी उनके मंत्री रहते उनके विशेष कार्य जमदग्नि जी ही देखते थे।
पावर फुल दर्जा धारी,और दानवीर।
जमदग्नि जी धीरे-धीरे इतने पावरफुल होते जा रहे हैं कि दर्जा धारी मंत्री रहते शायद उत्तराखंड का कोई दर्जा धारी ऐसा होगा जो किसी वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री के गेटप में चलता होगा। इतना गेटअप तो राज्य के किसी कैबिनेट मंत्री का भी नहीं है ।जितना गेटअप दर्जाधारी मंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि का है। जमदग्नि जी दानी भी बहुत बड़े है।अभी हाल ही में उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में जमदग्नि जी ने अपना 3 महीने का वेतन 2लाख 40 हजार रु दान कर दिया था। पूरे राज्य में लोगों ने काफी प्रसंशा की थी।

जमदग्नि को मिनी मुख्यमंत्री मानते है।
हरिद्वार के लोग तो अब जमदग्नि जी को मिनी मुख्यमंत्री मानने लगे हैं। मिनी मुख्यमंत्री मानेगे तो फिर लोग काम भी कराने आएंगे, और जमदग्नि बेचारे सीधे-साधे आदमी है ।सभी के काम करने के लिए उठ खड़े होते है। तुरंत काम कराने के लिए चल देते हैं । अधिकारीयो को फोन भी घुमा देते हैं
मामला मंशा देवी के दुकानदारों का
अभी हाल ही में मनसा देवी पर हुए हादसे के बाद काफी बवंडर मचा,मुख्यमंत्री के आदेश पर शहर में कई जगह का अतिक्रमण हटाया गया। जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कई दिनों तक सड़कों पर घूमते रहे गली मोहल्ले का अतिक्रमण देखते रहे सुभाष घाट का अतिक्रमण हटाया और जाने कहां-कहां अतिक्रमण हटवा डाला मनसा देवी मंदिर के साथ-साथ चंडी देवी को भी अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया।

चंडी देवी पर जितना भी अतिक्रमण था फॉरेस्ट विभाग ने जिला अधिकारी के आदेशो को मानते हुए तुरंत चण्डी देवी से अतिक्रमण हटा दिया ।और विद्युत विभाग के लोगों ने वहां जो अवैध कनेक्शन थे उनको भी हटा दिया गया ।यही हाल मनसा देवी मंदिर पर भी चल रहा है ।वहां से भी सारा अतिक्रमण हटाया गया नीचे तक जहाँ ऊषा ब्रेको का टिकट काउंटर है। वहा से भी अतिक्रमण हटा दिया गया, जिन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था वह लोग परेशान है ।
अतिक्रमण कारियो ने जमदग्नि जी का दरवाजा खटखटाया।
वे लोग जो अतिक्रमण कर रहे थे उन्होंने राज्य के दर्जाधारी ओमप्रकाश जमदग्नि जी का दरवाजा खटखटाया यह वह लोग हैं जो पहले मदन कोशिक का दरवाजा खटखटाया करते थे । क्योंकि मदन कौशिक की तो इस सरकार में चलती नहीं है। तो उनको सबसे उपयुक्त व्यक्ति और वजनदार व्यक्ति ओमप्रकाश जमदग्नि दिखाई दिए, वह उनके दरवाजे पर पहुंचे और उन्होंने जमदग्नि जी से मंशा देवी पर पुनः कारोबार की अनुमति दिलाने की गुहार लगाई , मनसा देवी मंदिर के महाराज जी भी आजकल जमदग्नि जी के बहुत खास हो गए हैं ।

जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ,हरिद्वार
यह वही महंत जी हैं जो कल तक मदन कौशिक के खास हुआ करते थे। बताया जाता है।की दुकानदारों को महाराजा जी के अखाड़े भेज दिया गया। फिर डीएम एसएसपी से कहा गया ,की कुछ दुकानदार अखाडे में है, आप उनकी बात सुन लीजिये। जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक बताया जाता है अखाड़े पहुंच भी गए लेकिन वहाँ क्या बात हुई कुछ पता नहीं चल पाया है।
दर्जा धारी जमदग्नि जी ने सिफारिश से किया इनकार,कहा वे मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन कराएंगे।
जब इस बारे में दर्जाधारी मंत्री भाई ओमप्रकाश जमदग्नि जी से बात की गई ।की भईया मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अतिक्रमण हटाओ, और आप कह रहे है, अतिक्रमण सजाओ तो यह कैसे चलेगा। यह अधिकारी किसकी सुने आपकी या मुख्यमंत्री की। ओम प्रकाश जमदग्नि जी ने तुरंत साफ-साफ शब्दों में कहा है कि वह अतिक्रमण के बिलकुल खिलाफ हैं।
ना उन्होंने जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक से कुछ कहा है। कि वह अखाड़े जाए न उन्होंने अखाड़े में किसी से कुछ कहा है ।ना उन्होंने किसी दुकानदार को कोई आश्वासन दिया है। वह पहले भी अतिक्रमण के खिलाफ थे आज भी अतिक्रमण के खिलाफ है।

मंशा देवी मंदिर पर हादसे के बाद हटाया गया अतिक्रमण।
मां मनसा देवी के मंदिर पर हुए हादसे के बाद , हादसे की वजह अतिक्रमण को ही माना गया था। मुख्यमंत्री ने कह दिया था की अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अतिक्रमण तुरंत ही हटा दिया जाए। इसके बाद अधिकारी सक्रिय हो गए थे डीएम एसएसपी सड़कों पर आ गए थे ।
कई दिन तक दोनो अधिकारी सड़कों की गलियों की खाक छानते रहे और अतिक्रमणकारी यो को हिदायत दे दी थी कि वह अपना अतिक्रमण हटा लें और, निचले अधिकारियों को भी वार्निंग दे दी गई थी कि यदि दोबारा अतिक्रमण पाया गया तो यह जिम्मेदारी उनकी होगी। अब लोग परेशान घूम रहे हैं, जिन्हें हजारों रुपए रोज की आमदनी है वह क्या करें।
साधारण परिवार के जमदग्नि जी पर माँ गंगा की ऐसी अशीम कृपा हुई है, जो केवल फिल्मों में देखने को मिलती है।ओमप्रकाश जन्मदिन बहुत ही साधारण से परिवार से उठकर इस लेवल पर पहुंचे हैं । वे हरिद्वार में काफी समय से हैं। वे हरिद्वार की नस-नस से वाकिफ है ।जमदग्नि जी संसद में जाकर केन्द्र में मंत्री बनना चाहते है, जिसकी वे तैयारी कर रहे है।
जमदग्नि जी की इच्छा हरिद्वार से चुनाव लड़ कर संसद में पहुंचे की है , क्योंकि एक न एक दिन रमेश पोखरियाल निशंक को तो 75 वर्ष के दायरे में आना ही होगा ।उनके रिटायरमेंट के बाद खुद निशंक जी जमदग्नि के लिए सिफारिश करेंगे। और अगर जमदग्नि जी को टिकट मिल गया तो वह निश्चित भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बन जाएंगे ।
और जब कैबिनेट मंत्री बन जाएंगे तो फिर तो जितनी गाड़ियां अब टूटू करती हुई उनके पीछे चलती है ,और एक कैमरामैन वीडियो बनाता हुआ चलता है।मंत्री बनने के बाद तो कई टूटू करती गाड़ियां चला करेंगी। और कई कैमरामैन उनके आगे पीछे चला करेंगे, तो मंत्री जी हो तो ऐसे हो जमदग्नि जैसे अन्यथा ना हो , कोई जरूरत नहीं है दर्जाधारी मंत्री बनने की ।इसको कहते है, भगवान जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है।शौकीन मिजाज जमदग्नि जी सर्व गुण सम्पन्न है, इसी लिए राजनीति में जल्दी कामयाब होंगे।

