हरिद्वार।तीर्थ नगरी हरिद्वार में यूं तो साधु संतों और महामंडलेश्वर की गिनती करना भी मुश्किल हो जाएगा, लेकिन हरिद्वार की जो शान है उनको कहा जा सकता है की जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर और कनखल के हरिहर आश्रम में रहने वाले स्वामी अवधेशानंद जी महाराज को हरिद्वार की शान कहा जा सकता है ।

पूरे विश्व में अवधेशानंद जी के शिष्य हैं। हरिद्वार में रहते हुए अवधेशानंद जी काफी लोगों से जो भक्त दूर दराज से आते हैं उससे भी मिलते हैं ।जूना अखाड़े के जितने भी महामंडलेश्वर बनाए जाते हैं उनको दीक्षा देते हैं।
अपने भी कुछ शिष्यों को वे दीक्षा देते हैं ।और दीक्षा देकर गुरु परम्परा का पालन करने का उन शिष्यों से आग्रह करते हैं ।साथ ही गुरु परंपरा के साथ-साथ प्रभु की आराधना में लीन रहते हुए सत्य कर्म करने के लिए अपने शिष्यों को और आम जनमानस को प्रेरित करते हैं।

बहुत ही शांत स्वभाव के अवधेशानंद जी प्रवचन तो करते ही हैं लेकिन साथी विदेश में जाकर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार भी करते हैं।इसी लिए देश के शीर्ष राजनीतिक गलियारों में भी उनकी सीधी पहुँच है।

