15 Feb 2026, Sun
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मनसा देवी ट्रस्ट पर हो सकती है रिसीवर की नियुक्ति ,ट्रस्ट के अध्यक्ष रवींद्र पुरी परेशान, जिलाधिकारी ने की है रिसीवर नियुक्त करने की पेशकश

हरिद्वार । हरिद्वार मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल की पहल पर हाल ही में हुई ट्रस्ट की बैठक में मंशा देवी ट्र्स्ट में मिली तमाम खामियों के बाद जिलाधिकारी ने ट्रस्ट में रिसीवर नियुक्त करने की बात कही है। रिसीवर नियुक्त करने की बात से ट्रस्ट के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं ।क्योंकि यदि यहां पर रिसीवर नियुक्त हो जाता है। तो यहां चल रही लूट खसोट और खाने-पीने के धंधे लगभग बंद हो जाएंगे। और ट्रस्टीयो के बारे में भी रिसीवर ने अगर जानकारियां जुटाना शुरू कर दी तो मामला ट्रस्टोंयो के लिए बहुत ही पेचीदा बन जाएगा।

जिलाधिकारी का रुख गर्म,अध्यक्ष जी को नही सूझ रही है ,कोई काट जिलाधिकारी के यहाँ प्रसाद का टोकरा भी पहुचाने की नही जुटा पा रहे है हिम्मत।

जिलाधिकारी के रुख को देखकर लगता है की
वे मनसा देवी मंदिर के ट्रस्ट को अब सुधार कर ही दम लेंगे ,कहावत हैं की पाप का घड़ा कभी ना कभी तो भरता ही है, ऐसा लग रहा है कि यह घड़ा भर गया है। और माता रानी ने जिला अधिकारी मयूर दीक्षित के रूप में ऐसे व्यक्ति को बुलाया है जो अब माँ के मंदिर पर हो रही बंदर बांट से राहत दिला सके, और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो क्योंकि मां मनसा देवी के मंदिर पर आने वाले तमाम श्रद्धालु आए दिन शिकायत रजिस्टर ,जो मनसा देवी मंदिर पर रखा रहता है उसमें शिकायतें दर्ज करके जाते हैं ।

अध्यक्ष जी मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट

लेकिन आज तक उन शिकायतो पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है, एक व्यक्ति ने तो बहुत ही जबरदस्त चिट्ठी शासन को लिखी थी ,वह चिट्ठी सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंची तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल ने उस चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष को पत्र लिखा था कि यहां पर काफी अराजकता और लूटपाट का आरोप किसी श्रद्धालु ने लगाया है, लेकिन उस चिट्ठी का भी कोई जवाब आज तक जगदीश लाल को प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि जगदीश लाल का स्थानांतरण हुए हुए काफी समय हो गया है ।कितनी भी चिट्ठियां भेजते रहो कुछ करते रहो किसी का कोई जवाब देना ट्र्स्ट उचित नहीं समझा जाता है ।अगर दिया जाता है तो केवल और केवल मां का प्रसाद ही अधिकारियों के यहां पहुंचा दिया जाता है ।और उस प्रसाद को देखकर अधिकारी भी मौन व्रत धारण कर लेते हैं। लेकिन अब ऐसा लगता है कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ठान लिया है, कि वह ट्रस्ट में चली आ रही खामियों को दूर कर मां मनसा देवी के मंदिर में हो रही कुरीतियों को सुधार कर रहेंगे, देखना है की जिलाधिकारी का यह निर्णय क्या गुल खिलाता है।

 

अध्यक्ष जी व अनिल शर्मा है परेशान, राजगिरि कर रहे आराम।

जिलाधिकारी के रुख से ट्रस्टी अनिल शर्मा जो नारियल का काम देखते हैं ,और इस नारियल के कारोबार से वे करोड़पति बन चुके हैं खासे परेशान दिखाई रहे है। रही बात तीसरे ट्रस्टी की तो वे अध्यक्ष जी के कई महत्वपूर्ण राजो के राजदार है। जिसकी वजह से राजगिरि ट्रस्टी बनाए गए हैं । चौथी ट्रस्टी सीमा गिरी को ,अध्यक्ष जी कभी ट्रस्टी मानते है ,कभी नही मानते है।इस हिसाब से पाँचवे ट्रस्टी प्रदीप शर्मा भी ट्रस्टी है, क्योकी उन्होंने अभी अपने पद से स्तीफा नही दिया है।

रिसीवर नियुक्त हुआ तो कैसे बटेंगे रोजाना लिफाफे व कैसे होंगे सम्मान समारोह।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने यदि मनसा देवी पर रिसीवर नियुक्त करा दिया तो सबसे पहले उन बेचारे सौ से डेढ़ सौ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा जिनको अध्यक्ष जी सुबह 10 बजे ही लिफाफे वितरित करते हैं साथ ही अध्यक्ष जी तमाम सम्मान समारोह करने के साथ ही राजनेताओं को भी गुप्त भेंट चढ़ाते हैं, व अपने ऊपर भी अच्छी खासी धनराशि एशो आराम पर खर्च करते हैं, यदि रिसीवर नियुक्त हो गया तो इन सारी चीजों पर विराम लग जाएगा । इसलिए अध्यक्ष जी का यह प्रयास रहेगा की किसी भी कीमत पर मनसा देवी मंदिर पर रिसीवर की नियुक्ति न हो सके, इसके लिए अध्यक्ष जी एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे ,और प्रसाद के टोकरे में फलों की तादाद चाहे जितनी बढ़ानी पड़े उतनी बढ़ाएंगे लेकिन कोशिश यही रहेगी की किसी भी कीमत पर मनसा देवी मंदिर पर रिसीवर नियुक्त न हो।

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