29 Mar 2026, Sun

गंगा और शिव का अटूट बंधन है सावन मास में भोले के भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं ।

हरिद्वार। गंगा और शिव का अटूट बंधन है सावन मास में भोले के भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं ।पूरे सावन मास हरिद्वार से केसरिया परिधानों में लिप्त शिव भक्तों की गंगा से निकलने वाली धाराओं जैसा दृश्य देखने को मिलेगा जिला प्रशासन ने शिव भक्तों के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

हरिद्वार में सावन मास में शुरू होने वाले कांवड़ मेले की तैयारी जिला प्रशासन व राज्य सरकार ने पूरी कर ली है। इस मेले की वैसे तो पुलिस के ऊपर ही ज्यादातर जिम्मेदारी होती है ।लेकिन प्रशासनिक अमला भी मेले में लगाया जाता है उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के अलावा दिल्ली के अधिकारियों की अंतर राज्य बैठक चीफ सेक्रेटरी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हो चुकी है इस बैठक में उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ भी मौजूद थे और आस पड़ोस के राज्यों से कई आला अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे। बैठक में मौजूद उत्तराखंड के सभी अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिए गए हैं कि वह किस तरीके से कांवरियों के साथ पेश आए और कमरियों को किसी प्रकार की भी कोई परेशानी न होने पाए क्योंकि यह मेला पूर्णतया आस्था और विश्वास का मेला होने के साथ ही शिव और गंगा के प्रति अटूट प्रेम का मेला है ।

हरिद्वार आने वाले करोड़ो शिव भक्त कांवरिया हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों कस्बो के शिवालियों पर शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करते हैं ।वैसे तो सावन 11 जुलाई से शुरू होगा और 23 तारीख को शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ का देश भर के शिवालियों में जलाभिषेक होगा लेकिन हरिद्वार में शिव भक्त कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है और कुछ कावडीए हरिद्वार से जल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बो की तरह लौटने भी शुरू हो गए है। इस स्थिति को देखते हुए लगता है की कावड़ियों की आमद दो-तीन दिन में और अधिक गति पकड़ने के आसार है ।इस बार जिस तरीके से राज्य सरकार करीब 7 करोड़ कावड़ियों के हरिद्वार आने की उम्मीद कर रही है यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है ।क्योंकि विश्व में इससे बड़ा मेला शायद ही कोई और होता हो क्योंकि दिन-रात यह मेला निरंतर चलता रहता है। शिव भक्त आते रहते हैं और गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और शहरों की तरफ प्रस्थान करते रहते हैं। सड़के चारों तरफ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान रहती हैं । केशरिया परिधानों में सजे कांवड़ियों को देख साक्षात स्वर्ग जैसे दृश्य की अनुभूति होती है।

प्रशासन ने कर ली है।तैयारियां पूरी।

हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार कांवरियों के लिए इस बार जगह-जगह पीने के पानी, स्वछता व मोबाइल एम्बुलेंस जिसमे दवाईया उपलब्ध रहेगी । इसके अलावा कांवरियों के रास्ते में पड़ने वाली मीट की दुकानों को बंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं। कोई भी ऐसा कार्य करने की अनुमति नहीं होगी जिससे आस्था के इस पर्व पर आने वाले कांवरियों को किसी तरीके की भी सुविधा हो। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बहुत ही शालीनता से कावड़ियों के साथ पेश आने की हिदायत दी है। पूरे मेला क्षेत्र को 136 सेक्टर 18 सुपर ज़ोन में बांटा गया है।

अतिरिक्त पुलिस बल कांवड़ मेले में 5 तारीख तक पहुंच जाने की उम्मीद है इस पुलिस बल के हरिद्वार पहुंचने पर पुलिस कर्मियों की ब्रीफिंग की जाएगी और उनको उनकी डयूटियां सौंप दी जाएगी इन पुलिस कर्मियों को भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो इसके लिए भी पुलिस चौराहो पर टेंट लगाने के साथ ही पेयजल की व्यवस्था रखेंगी महिला पुलिस कर्मियों के लिए भी विशेष सुविधा युक्त टेंट बनाए जा रहे हैं ।इस बार गर्मी ज्यादा होने के कारण कांवरियों के ज्यादा संख्या में आने की उम्मीद है मेले की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन सजग रहने के साथ ही सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ राज्य के सभी खुफिया तंत्र इस मेले में सक्रिय रहेंगे किसी भी प्रकार की अप्रिय वारदात कांवरियों के संग होने पर कांवरियों के भेस में पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी होगी कि वह तुरंत ही मामले को निपटा कर और कांवरियों को शांत कराकर मेले को सुचारू रूप से चलने देने का कार्य करें।

कांवड़ उठाने वाले कावड़ियों द्वारा नशा करने से कांवड़ होती है खंडित

कांवरियों से भी अनुरोध रहेगा कि वे शिव भक्ति में लीन होते हुए किसी प्रकार के नशे आदि का प्रयोग ना करें क्योंकि नशा करने से कांवड़ खंडित हो जाती है। इस लिए कांवड़ियों को कांवड उठाते हुए किसी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए। भांग, चरस, शराब आदि का सेवन करने वाले कांवरियों की कांवर को भगवान भोलेनाथ स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को इस तरह के किसी भी मादक द्रव्य या मादक पेय से बचना चाहिए और शांतिपूर्वक तरीके से पवित्र गंगा जल लेकर अपने-अपने नगरों और शहरों की ओर लौटना चाहिए ।क्योंकि आपके नगर के और आपके कस्बे के लोग आपकी प्रतीक्षा में आपका इंतजार करते रहते हैं।खासकर हरियाणा से आने वाले कांवड़िए विशेष ध्यान दे।

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रहेगी मेले की गतिविधियों पर नजर।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूजा पाठ में व धार्मिक कार्यों में ज्यादा रुचि रखते हैं इसलिए वे कहीं भी पूरे राज्य में होने वाली हर पूजा व हर अनुष्ठान में शामिल होने के लिए जरूर पहुंचते हैं ।यह मेला उनके लिए काफी महत्वपूर्ण मिला है इस मेले के लिए मुख्यमंत्री राज्य के अधिकारियों के साथ कई बैठकर कर चुके हैं राज्य के मुख्य सचिव व डीजीपी के अलावा अनेक वरिष्ठ अधिकारियों को मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तत्पर रहने की हिदायत भी दे चुके हैं इस बार मेले में भारी संख्या में शिव भक्तों के आने की उम्मीद है इसलिए मेले की हर गतिविधि पर मुख्यमंत्री अपनी निगाह बनाए रखेंगे।

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