29 Mar 2026, Sun

नगर निगम, पुलिस व गंगा सभा के बीच झूलती हर की पौड़ी , दुर्दशा का नहीं है कोई इलाज

हरिद्वार ।

तीर्थ नगरी हरिद्वार के सबसे महत्वपूर्ण स्थल हर की पौड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं को यहां आकर जो दृश्य देखने को मिलता है वह किसी पवित्र स्थान का न होकर बम्बईया चौपाटी का लगता है। हर की पौड़ी पर रखरखाव की जिम्मेदारी यूं तो तीर्थ पुरोहितों की सर्वोच्च संस्था गंगा सभा की है लेकिन गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ के अनुसार अगर नगर निगम संपूर्ण हर की पौड़ी की जिम्मेदारी गंगा सभा को सौंप दे तो वह हर की पौड़ी की दशा ही बदल देंगे। लेकिन तन्मय वशिष्ठ के अनुसार उनके हाथ बंधे हुए हैं ।उनके पास केवल हर की पौड़ी का कुछ क्षेत्र है जहां पर वह रखरखाव करते हैं बावजूद इसके मालवीय दीप पर भी साफ सफाई के कार्य के लिए उन्होंने अपने सफाई कर्मचारी छोड़े हुए हैं ।रही बात वहां लगने वाले फूल फ़रोशी के अनगिनत स्टॉल व वहां बिकने वाली तमाम तरीके की वस्तुएं जिनका हर की पैड़ी क्षेत्र में बेचा जाना निषेध है उनको भी रोक पाना गंगा सभा के बस की बात नहीं है गंगा सभा का कहना है इन सब चीजों की रोकथाम के लिए नगर निगम ही कार्यवाही कर सकता है।

नगर निगम के एम एन ए साहब नही जानते मीना बाजार क्या होता है।

नगर निगम के एम एन ए आईएएस अफसर है हर की पैड़ी पर और सुभाष घाट पर जो गंदगी और अनगिनत फूल बिक्री की दुकान के साथ ही अनगिनत लँगर चलना व आवारा पशुओं का घूमना इन सब चीजों को तो एम एन ए साहब स्वीकारते हैं की इन चीजों की वहां पर कमी है और इसको हम समय रहते ठीक भी करते रहते हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे ।लेकिन जब उनसे मीना बाजार जो हर की पैड़ी से लेकर सी सी आर और आगे तक फैला हुआ है उसके बारे में पूछा गया तो इन युवा आई ए एस महोदय को मीना बाजार के मायने ही मालूम नहीं है की मीना बाजार होता क्या है। जब इनको मीना बाजार के मायने बताए गए तब जाकर उनकी समझ में आया की यह जो दुकान यहां अस्थाई रूप से लगी हुई है यह मीना बाजार कहलाती है तो इन दुकानों को भी महोदय का कहना है की हम समय-समय पर हटाते रहते हैं लेकिन यह लोग फिर आ जाते हैं लेकिन रही बात भिखारीयो की तो भिखारी को हटाने का काम पुलिस का है पुलिस से बात करें तो पुलिस कह देती है कि यह काम नगर निगम का है ।तो इन तीनों संस्थाओं के बीच हर की पैड़ी हिंडोला बनकर झूल रही है । यहां गंदगी का साम्राज्य होने के साथ-साथ जेब कतरे व उठाई गिरे भी अपना प्रतिदिन तांडव करते हैं।यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के कपड़ों को साफ कर देने से लेकर जेब तराशी रोज होती है।लेकिन ये बेचारे अपनी फरियाद लेकर जाए तो कहा जाएं। पुलिस कहती है। नगर निगम करेगी , नगर निगम ,गंगा सभा को और गंगा सभा नगर निगम व पुलिस के ऊपर टाल देती है। यहाँ आने वाला श्रद्धालु इन तीन जगह चक्कर लगाते लगाते घनचक्कर बन जाता है और लौट कर लुटा पिटा अपने घर को लौट जाने पर ही भलाई समझता है। हालत यह है की सुभाष घाट पर अगर दृष्टि डाली जाए तो वहां की स्थिति नर्क से भी बत्तर दिखाई पड़ती है शायद कलयुग में धर्म नगरी हरिद्वार के इसी रूप में यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का कार्य हरिद्वार की भारतीय जनता पार्टी ने किया है। क्योंकि हरिद्वार के विधायक भी बीजेपी के हैं और हरिद्वार की मेयर किरण जैसल भी बीजेपी की है नगर निगम में पूरा बोर्ड बीजेपी का है किसी तरीके की कोई दिक्कत भी नहीं है उसके बाद भी तीर्थ नगरी हरिद्वार का सबसे प्रमुख स्थल हर की पैड़ी की दुर्दशा देख ना तो यहां के तीर्थ पुरोहितों को कोई परेशानी होती है और ना ही यहां के खद्दरधारी करण धारों को जबकि हर की पौड़ी पर प्रतिदिन नहीं तो दो-चार दिन के बीच एक न एक वीआईपी और वी वी आई पी गंगा आरती के लिए आते रहते हैं यह अतिविशिष्ट लोग केवल गंगा सभा के दफ्तर में रखे रजिस्टर पर सिग्नेचर करने और हर की पौड़ी के आरती स्थल पर आरती कर अपने घर की तरफ प्रस्थान कर जाते हैं ।इन वीवीआइपीओ से भी इस हर की पैड़ी की दुर्दशा की गुहार लगाने का समय गंगा सभा के पास नहीं है की गंगा सभा का कोई पदाधिकारी सुभाष घाट की ओर व मालवीय दीप के दर्शन उन वीवीआइपीओ को करा कर बता दे की साहब इसका रखरखाव पुलिस के जुम्मे है और इसका रख रखाव नगर निगम के जुम्मे है यह हाल है इन स्थानों का लेकिन इतना समय किसी के पास नही है।क्योंकि सभी के अपने-अपने कहीं ना कहीं भौतिक व राजनीतिक स्वार्थ इस हर की पैड़ी से जुड़े हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *