12 Feb 2026, Thu

मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत एसटीएफ/पुलिस की बड़ी कार्यवाही करोड़ों की एमडीएमए ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश उत्तराखण्ड से नेपाल और मुंबई तक फैले नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिबंधित कैमिकल्स की बड़ी खेप बरामदडीजीपी द्वारा पुलिस टीम को ₹ 1 लाख की धनराशि से पुरुस्कृत करने की घोषणा

देहरादून। एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा थाना नानकमत्ता क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये साहनी नर्सरी तिराहे, नानकमत्ता क्षेत्र से एमडीएमए ड्रग्स को तैयार करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना कुनाल राम कोहली को इस ड्रग्स को तैयार करने हेतु प्रयोग किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रिकर्सर कैमिकल (रॉ मैटेरियल) लगभग 126 ली0 कैमिकल एव 28 किलो पाउडर फार्म व 7.41 ग्राम एमडीएमए बरामद हुयी तथा नानकमत्ता थाना में मुकदमा एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत कराया गया।

उक्त प्रकरण में पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि उक्त बरामद समस्त प्रिकर्सर कैमिकल एनडीपीएस एक्ट के अर्न्तगत प्रतिबन्धित कैमिकल्स की श्रेणी में आते है जिनका बिना वैध लाईसेन्स के क्रय-विक्रय एवं परिवहन करना गैर कानूनी है। उक्त प्रकरण में एसएसपी, एसटीएफ, नवनीत भुल्लर द्वारा विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि , एसटीएफ की एएनटीएफ कूमांयू यूनिट के साथ जनपद पिथौरागढ़, चम्पावत एवं उद्यमसिंह नगर की पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा कार्यवाही की गयी है।

महाराष्ट्र राज्य के ठाणे जनपद में 31 मई 2025 को दो व्यक्त्यिों को 11 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया जिनके द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड – नेपाल बार्डर से पिथौरागढ के थल क्षेत्र में मोनू गुप्ता एवं कुनाल कोहली ने एमडीएमए फैक्ट्री लगाई गई है जहॅा पर एमडीएमए ड्रग्स को तैयार कर मुम्बई समेत अलग-अलग राज्यो में सप्लाई करते है। दिनांकः 26 जून 2025 को थाने पुलिस द्वारा थाना थल जनपद पिथौरागढ़ पुलिस के साथ एक पॉल्ट्री फार्म पर छापा मारकर प्रिकर्सर कैमिकल्स बरामद किया गया। परन्तु कोई अभियुक्त की गिरप्तारी नहीं हो पायी थी।

जून के अन्तिम सप्ताह में थाणे पुलिस द्वारा पलीया नेपाल बार्डर से मोनू गुप्ता को दो साथियो भीम यादव व अमन कोहली को गिरफ्तार किया जा चुका है परन्तु तत्समय कुनाल कोहली अपने साथी राहुल और विक्रम के साथ नेपाल फरार हो गया था। जुलाई 11, 2025 को चम्पावत पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुये अभियुक्त राहुल की पत्नी ईशा को 5 किलो 688 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। उक्त एमडीएमए को उक्त अभियुक्तो द्वारा निर्मित किया गया था। अभियुक्त राहुल को भी चम्पावत पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।अभियुक्तों द्वारा बनारस, गाजियाबाद जनपद उ0प्र0, थाणे की कम्पनियों से अवैध रूप से लाया जाता था।

पिथौरागढ के थल थाना क्षेत्र में मुर्गी फार्म की आड़ में एमडीएमए का कैमिकल से अवैध रूप से निर्मित करते थे। एसटीएफ के अधिकारीगण लगातार एन्टी नारकोटिक्स ब्यूरो, नेपाल पुलिस के अधिकारियों के सम्पर्क में थे। जिनके द्वारा तकनीकी एवं मैनूवल सूचनायें लगातार साझा की जा रही थी। जिसके फलस्वरूप दिनॉक 14.07.2025 को उक्त प्रकरण के मुख्य अभियुक्त कुनाल कोहली को एसटीएफ टीम व नानकमत्ता पुलिस टीम के साथ थाना नानकमत्ता क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

उक्त कुनाल कोहली थाना बनबसा के मुक़दमें के अतिरिक्त पुलिस स्टेशन कासारवडवली जिला ठाणे महाराष्ट्र के मुक़दमे तथा मुम्बई क्राईम ब्रान्च की यूनिट डी-2 से मुकदमा में सभी अर्न्तगत एनडीपीएस एक्ट में वांछित फरार चल रहा था।
गिरफ़्तार अभियुक्तों की निशादेही से बरामद निम्नांकित प्रिकर्सर कैमिकल्स से करीब 06 किलोग्राम एमडीएमए का निमार्ण किया जाना था जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 12 करोड़ कीमत होती।


एमडीएमए एवं प्रिकर्सर कैमिकल्स की बरामदगी का विवरण

एमडीएमए 7.41 ग्राम (अभियुक्त कुनाल राम से बरामदा)

प्रिकर्सर कैमिकल (रॉ मैटेरियल)
डाईक्लोरोमीथेन (मीथाइलीन क्लोराइड) 23 बोतलें × 2.5 लीटर = 57.5 लीटर
एसीटोन फॉर सिंथेसिस 8 बोतलें × 2.5 लीटर = 20 लीटर
हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल 36.46) 19 बोतलें × 2.5 लीटर = 47.5 लीटर
मीथाईलामीन सोलुशन 1 बोतल × 500 मिलीलीटर = 0.5 लीटर
सोडियम हाईड्रॉक्साइड (पेलेट्स प्यूरीफाइड) 56 बॉक्स × 500 ग्राम = 28 किलो

अभियुक्त द्वारा बताया गया कि नाला सुपारा, मुम्बई में रहनें वाले भीम यादव मोनू उर्फ ओम गुप्ता, बल्ली राम गुप्ता, नवीन नेपाली से मुलाकात मुम्बई में हुई थी। पिछले वर्ष जब मोनु गुप्ता तथा भीम यादव के विरूद्ध मुम्बई में नारकोटिक्स एक्ट में केस हुआ था तो मैं इन लोगों को अपने साथ फरारी काटने के लिये टनकपुर गैंडा खाली अपने घर ले आया था। इसी दौरान मेरी मुलाकात टनकपुर में नरेश शकरी व रोशन कोहली से हुयी। नरेश शकारी का घर गैंडाखाली में एकान्त में था तो हम सभी ने आपस में योजना बनाई कि यहॉ पर हम एमडीएमए ड्रग्स को बना सकते हैं। मोनू गुप्ता ने पहले बनारस में ड्रग्स बनाने की फैक्टी लगायी थी वहॉ भी यूपी पुलिस ने छापा मार दिया था। पिछले वर्ष जून-जुलाई से हम लोग यहॉ रह रहे थे। यहॉ पर पहली बार मैनें ड्रग्स बनाने के लिये बनारस से कैमिकल मॅगाया था। जब तीन-चार किलो माल तैयार हो जाता था तब बल्ली राम गुप्ता माल को लेकर मुम्बई जाता था। एक बार जब बल्ली राम गुप्ता मुम्बई माल लेकर गया था तो वहॉ उसे मुम्बई पुलिस ने पकड़ लिया था ।

इसकी सूचना हमको मिल गयी तो हम लोगों ने गैंडाखाली से फैक्ट्री हटा ली थी। इसके बाद हमको कहीं और सुरक्षित स्थान चाहिये था तो हम लोगों ने पिथौरागढ़ के थल से आगे सुवालेख में एक फार्म किराये पर लेकर मुर्गी फार्म खोल लिया था तथा उसी की आड़ में हम लोग वहॉ एमडीएमए बनाने लगें। वहॉ हमने करीब 5.6 किलो एमडीएमए माल बनाया था जिसको मैं मोनु गुप्ता, भीम यादव, राहुल अपने साथ बनबसा ले आये थे तथा माल को हमने राहुल के घर पर छुपा दिया था। क्योंकि हमारा साथी बल्ली राम गुप्ता पहले ही मुम्बई में जेल चला गया था तो इस माल को बेचने के लिये हमें सही पार्टी नहीं मिल पा रही थी। दिनांक 27.06.2025 को जब पिथौरागढ़ वाली हमारी फैक्ट्री में मुम्बई पुलिस का छापा पड़ा और हमारा कैमिकल व उपकरण पकड़े गये तो हम लोगों ने बनबसा से अलग-अलग गाड़ियों से नेपाल भागने का प्लान बनाया।

मैं तथा राहुल उसकी गाडी से बनबसा बार्डर से नेपाल चले गये। मोनू गुप्ता, भीम यादव व अमर कोली पलिया बार्डर के रास्ते नेपाल जाने वाले थे जिन्हें मुम्बई पुलिस ने पलिया बार्डर पर पकड लिया। दिनांक 12.07.2025 को जब बनबसा पुलिस ने राहुल की पत्नी को गिरफ्तार कर हमारी एमडीएमए उससे बरामद की तो हम लोग डर गये। हमें पता चला था कि उसमें हमारा भी नाम है तो हम बनबसा वापस आये तथा हमारे पास गैंडाखाली वाला जो कैमिकल बचा हुआ था उसके दिनांक 13.07.2025 की रात्रि में हमने चम्पावत से निकालकर नानकमत्ता डैम के पास एक खाली कमरे में रख दिया था। जब मुझे पता चला की राहुल भी पकडा जा चुका है तो मैं इस माल को डाम में फैंकन के लिये आज फिर से नानकमत्ता आया तो पुलिस ने मुझे पकड लिया।

अभियुक्त कुनाल कोहली ही अपने साथियों के साथ मुम्बई से अपने दोस्तों को लाकर एमडीएमए ड्रग्स की फैक्ट्री को पहले जनपद चम्पावत तथा बाद में जनपद पिथौरागढ लगा कर एमडीएमए बना रहा था जिसकी खपत मुम्बई में ही की जा रही थी। अभियुक्त कुनाल कोहली तथा उसके साथियों को उत्तराखण्ड की जगह फैक्ट्री के लिये अनुकूल लग रही थी। जिस कारण यह अभियुक्तगण बड़ी मात्रा में एमडीएमए बना रहे थे।

अभियुक्त कुनाल कोहली जहॉ से एमडीएमए में प्रयुक्त होने वाले कैमिकल को मंगा रहा था उन कम्पनीयों में अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत की गई बड़ी कार्यवाही पर पुलिस महानिदेशक, दीपम सेठ का प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड’अभियान के तहत लगातार सघन और बहुआयामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा ड्रग्स की आपूर्ति, वितरण और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में ठोस रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। मैं आज आपको राज्य में हाल ही में हुई कुछ बड़ी कार्रवाइयों और हमारी आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में अवगत कराना चाहता हूँ।” वित्तीय जांच एवं पीआईटी – एनडीपीएस के तहत कार्रवाई “चम्पावत, उधमसिंहनगर एवं पिथौरागढ़ जिलों के टनकपुर, बनबसा व थल थाना क्षेत्रों में हाल ही में भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई हैं। इन मामलों में केवल अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर, उनकी पूरी वित्तीय श्रृंखला की गहराई से जांच की जा रही है — कि ये लोग नशे के कारोबार से कैसे और कहां तक धन अर्जित कर रहे हैं तथा उसे किस गतिविधि में लगा रहे हैं। इस अवैध आय से अर्जित संपत्तियों को जब्त (अटैच्ड) किया जा रहा है और पीआईटी – एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई कर अपराधियों को लंबे समय तक जेल में रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।”

प्रीकर्सर केमिकल्स पर विशेष निगरानी

“राज्य में 44 यूनिट्स ऐसी चिन्हित की गई हैं जो ऐसे प्रीकर्सर केमिकल्स का प्रयोग कर रही हैं जिनका उपयोग अवैध नशीले पदार्थ बनाने में हो सकता है। इनके भौतिक सत्यापन हेतु समस्त एसएसपी/एसपी को निर्देशित किया गया है ताकि किसी भी अनियमितता या दुरुपयोग की संभावनाओं को समय रहते रोका जा सके।”

फार्मास्यूटिकल इकाइयों की जांच

“उत्तराखण्ड में 172 फार्मा इकाइयाँ ‘शेड्यूल- एच ’ ड्रग्स से संबंधित कार्य कर रही हैं। ये ड्रग्स केवल चिकित्सकीय पर्ची पर दी जानी चाहिए, परंतु इनका दुरुपयोग भी ड्रग्स के रूप में हो रहा है। एसएचओ/एसओ एवं ड्रग्स निरीक्षकों की संयुक्त टीमें इन इकाइयों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं जिससे पारदर्शिता बनी रहे।”

थानों को ड्रग डिटेक्शन किट

“अब प्रदेश के प्रत्येक थाने को ड्रग डिटेक्शन किट उपलब्ध करा दी गई है, जिससे थाना स्तर पर ही संदिग्ध पदार्थ की प्राथमिक जांच की जा सकेगी और समय पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।”

डीजीपी द्वारा पुलिस टीम को ₹ 1 लाख की धनराशि से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

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