हरिद्वार।
नरेंद्र शर्मा के अनुसार अध्यक्ष के चुनाव कराने का कोई प्रावधान नही।
हरिद्वार जनपद में करीब 700 राशन विक्रेता है इन सभी राशन विक्रेताओं से यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा पर बी पी एल के कार्ड एनएफएसए में कन्वर्ट न होने देने के नाम पर 50-50 हजार रु लेने का आरोप है ,नरेंद्र शर्मा बीपीएल के कार्डों को एनएफएसए में कन्वर्ट नहीं करा पाए ,तब ज्यादातर लोगों के पैसे वापस किए गए थे। लेकिन अभी भी कुछ लोगों के पैसे नरेंद्र शर्मा के पास हैं ।जबकि राशन विक्रेताओं की यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा का कहना है कि यह सब आरोप निराधार है। उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है ।और ना ही उनके पास कोई पैसा है ।

ईमानदार अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा,30 साल से चुनाव नही कराए।
नरेन्द्र शर्मा विगत 30 वर्षों से लगातार बने हुए है।राशन विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष।
नरेंद्र शर्मा विगत 30 सालों से राशन विक्रेता यूनियन के अध्यक्ष बने हुए है ।आज तक नरेंद्र शर्मा ने इस यूनियन के चुनाव ही नहीं होने दिए हैं। इसके पीछे कारण यह बताया जाता है कि नरेंद्र शर्मा की दुकानदारी नेतागिरी के नाम पर भी जमकर चलती है। और सारे राशन विक्रेताओं की सेटिंग गेटिंग नरेंद्र शर्मा के द्वारा ही होती है।जसमे नरेन्द्र शर्मा को भी प्रति माह मोटी आमदनी होती है। इन सब आरोपो को भी नरेन्द्र शर्मा नकारते हैं। जब उनसे पूछा गया क्या आपके यहां यूनियन के चुनाव कराने का कोई प्रावधान नहीं है। तो नरेंद्र शर्मा ने कह दिया कि हमारे यहां इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है, की चुनाव कराए जाएं। जब किसी अध्यक्ष के ऊपर कोई आरोप लगे , तब चुनाव कराए जा सकते है।

उनसे जब पूछा गया, क्या पिछले 30 सालों में आप पर कोई आरोप नहीं लगे हैं। तो उनका साफ-साफ कहना था कि मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं है। मैं तो और अपनी जेब से ही पैसे खर्च कर देता हूं ।जब उनसे पूछा गया की ऐसा क्या शौक है कि आप अपनी जेब से पैसे खर्च करते हैं। और 30 साल से अध्यक्ष बने बैठे हैं। और चुनाव होने नहीं देते हैं ।तो इस पर उनका यही जवाब था कि भाई अब स्थिति परिवर्तित हो गई है ।और क्योंकि अब लोगों ने साथ देना बंद कर दिया है ,तो अब शायद कोई स्थिति बन सकती है ।तो आप समझ ले की जो व्यक्ति विगत 30 साल से अध्यक्ष पद पर कुंडली मारे बैठा हो और उस पर कई बार कई तरीके के आरोप राशन विक्रेता लगा चुके हैं वह व्यक्ति अपने आप को अभी भी सत्यवादी हरिश्चंद्र का पोता घोषित करने से बाज नहीं आ रहा है।
जबकि राशन विक्रेता इस अध्यक्ष से काफी परेशान है। पिछले दिनों सैनी आश्रम में राशन विक्रेताओं की बैठक में काफी शोर शराबा मचा था और आरोप लगाया गया था ,की तुरंत चुनाव कराए जाएं, लेकिन इस बैठक को हुए शायद 2 महीने से भी अधिक हो गए हैं ।लेकिन आज तक चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं है। और नरेंद्र शर्मा नहीं चाहते हैं ,की किसी भी तरीके से राशन विक्रेता यूनियन के चुनाव हो और उन्हें इस पद से हाथ धोना पड़े ।क्योंकि अध्यक्ष जी भी राशन की दुकान चलाते हैं। उसमें भी कई घाल मेल रहते हैं। इन झंझटों से बचने के लिए भी वह अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते हैं। और उल्टी सीधी झूठी सच्ची शिकायत खुद ही राशन विक्रेताओं के खिलाफ करते रहते हैं ।लेकिन अपने आप को बिल्कुल पाक साफ बताते हैं। यदि आरोप निराधार है तो नरेन्द्र शर्मा को शीघ्र चुनाव कराने चाहये । यदि वे ईमानदार है।तो राशन विक्रेता उनको फिर अध्यक्ष चुन लेंगे।

