देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने बजट सत्र से पहले राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस संबंध में देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की आर्थिक प्रगति से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नीतियों और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। प्रमुख सचिव ने बताया कि एनसीएआर (भारत सरकार की एजेंसी) के साथ मिलकर संयुक्त अभ्यास के तहत आर्थिक सर्वे तैयार किया गया है। सर्वे के मुताबिक वर्ष 2022 की तुलना में 2025 में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना तक बढ़कर 3,81,880 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में जहां प्रति व्यक्ति आय 1,94,000 रुपये थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 2,73,931 रुपये हो गई है। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक वृद्धि दर (ग्रोथ रेट) 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है।
आर्थिक सर्वे के अनुसार गरीबी सूचकांक (पावर्टी इंडेक्स) में वर्ष 2022 के मुकाबले कमी आई है, जबकि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भी सुधार दर्ज किया गया है।
उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रगति की है
एमएसएमई इकाइयों की संख्या 2022 में 59 हजार से बढ़कर 79 हजार के पार पहुंच गई है। वहीं बड़ी उद्योग इकाइयां 107 से बढ़कर 128 हो गई हैं।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी तेजी आई है। राज्य में स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1751 हो गई है। साथ ही कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 और हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 180 तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में आर्थिक विकास, उद्योग, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही

