भराड़ीसैंण (गैरसैंण) / देहरादून 10 फ़रवरी
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन अब केवल लोकतांत्रिक विमर्श का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोककला, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक भी बनता जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण की पहल पर विधानसभा परिसर में राज्य की स्थानीय कला एवं कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न लोक-सांस्कृतिक विषयों पर आधारित पेंटिंग्स एवं रम्माण के पारंपरिक मुखौटे स्थापित किए गए हैं।
इन कलाकृतियों में नंदा राजजात यात्रा, छोलिया नृत्य, रम्माण उत्सव, पारंपरिक वाद्य यंत्र, ऐपन कला तथा रम्माण के मुखौटे सहित उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली रूप में उकेरा गया है। यह सभी कलाकृतियाँ राज्य के स्थानीय कलाकारों द्वारा निर्मित हैं, जिससे उन्हें न केवल एक प्रतिष्ठित मंच मिला है, बल्कि उनकी कला को सम्मान और पहचान भी प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देहरादून स्थित विधानसभा भवन में भी स्थानीय महिलाओं द्वारा सुंदर ऐपन कला का सृजन किया गया था, जिसे सभी वर्गों द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि उत्तराखंड की लोककला और संस्कृति हमारी पहचान और विरासत का आधार है।

