23 Oct 2026, Fri

23 अक्टूबर से शुरू होगी ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच

अल्मोड़ा, 21 अक्टूबर

राजनीतिक दल 22 अक्टूबर तक उपलब्ध कराएं अपने अधिकृत प्रतिनिधियों का विवरण

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जांच प्रक्रिया, राजनीतिक दलों की सहभागिता, सुरक्षा व्यवस्था तथा मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी गई।

बैठक में अवगत कराया गया कि स्यालीधार स्थित ईवीएम वेयरहाउस में 23 अक्टूबर 2026 से ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच प्रारंभ होगी। जांच कार्य प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक किया जाएगा। रविवार एवं अन्य अवकाश दिवसों में भी यह कार्य जारी रहेगा।

समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अनुरोध किया गया कि वे जांच प्रक्रिया में सहभागिता के लिए अपने दो अधिकृत प्रतिनिधि नामित करें। प्रतिनिधियों का नाम, मोबाइल नंबर, पिता अथवा पति का नाम, पूरा पता तथा आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र का विवरण 22 अक्टूबर तक उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ प्रत्येक प्रतिनिधि के दो नवीनतम पासपोर्ट आकार के फोटो एवं पहचान पत्र की छायाप्रति भी उपलब्ध करानी होगी। नामित प्रतिनिधि जांच के दौरान प्रतिदिन कार्य समाप्ति तक एफएलसी हॉल में उपस्थित रह सकेंगे।

बैठक में बताया गया कि ईवीएम वेयरहाउस में 25 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। प्रथम स्तरीय जांच प्रारंभ होने से सुरक्षा के लिए एक सेक्शन सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर एवं तलाशी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। संपूर्ण जांच प्रक्रिया की निर्बाध वेबकास्टिंग की जाएगी, जिसकी निगरानी भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा की जाएगी।

एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर एवं कैमरा ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मशीनों की स्कैनिंग एवं तकनीकी जांच के लिए निर्धारित तीन अधिकृत मोबाइल फोन की अनुमति होगी। जांच में सही पाई जाने वाली मशीनों पर हरा तथा खराब पाई जाने वाली मशीनों पर लाल स्टीकर लगाया जाएगा।

खराब मशीनों को अलग कक्ष में सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ एक सप्ताह के भीतर निर्माता कंपनी ईसीआईएल को वापस भेजा जाएगा। जांच पूर्ण होने के उपरांत सही पाई गई मशीनों में से चयनित 5 प्रतिशत मशीनों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मॉक पोल कराया जाएगा।

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