कुंभ मेले की व्यवस्थाओं एवं कार्यों पर विस्तृत चर्चा, विभिन्न हितधारकों से लिया गया फीडबैक
चार जिलों के अंतर्गत लगभग डेढ़ सौ वर्ग किमी क्षेत्र को मेला क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव
मेला क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित कर प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लेकर मेला प्रशासन की माइक्रो प्लानिंग तैयार
हरिद्वार, 11 फरवरी
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में आगामी कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के उद्देश्य से परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुंभ मेले की व्यवस्थाओं एवं कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा विभिन्न हितधारकों से तैयारियों के संबंध में सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया।

बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बताया कि आगामी कुंभ मेले के लिए चार जिलों के अंतर्गत लगभग डेढ़ सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मेला क्षेत्र में सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। इस विस्तृत क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित कर मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की माइक्रो प्लानिंग तैयार कर ली गई है। योजना के अनुसार पूरे क्षेत्र में स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्य चरणबद्ध ढंग से संपन्न कराए जाएंगे।

बुधवार को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, हरिद्वार के सभागार में आयोजित इस बैठक में मेला से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों ने प्रतिभाग किया।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बताया कि प्रस्तावित मेला क्षेत्र के अंतर्गत जनपद हरिद्वार में 23 सेक्टर, देहरादून जिले में 4 सेक्टर, टिहरी जिले में 2 सेक्टर तथा पौड़ी गढ़वाल जिले में 3 सेक्टर निर्धारित किए गए हैं। सभी सेक्टरों में सड़क, पेयजल, विद्युत जैसी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ समुचित जन-सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत योजना बनाई गई है।
इन क्षेत्रों में आवश्यक स्थायी एवं अस्थायी कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परामर्शदात्री समिति की बैठक में प्राप्त उपयोगी सुझावों एवं फीडबैक को अंतिम कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, जिससे मेले का आयोजन और अधिक सुव्यवस्थित एवं सफल बनाया जा सके।
मेलाधिकारी ने जानकारी दी कि कुंभ मेले के अंतर्गत दो स्थायी पार्किंग स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के सुधार एवं जलभराव की समस्या के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने हरिद्वार नगर में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को एक सप्ताह के भीतर ठीक करने के निर्देश संबंधित विभागों को देते हुए कहा कि सभी कार्य सुनियोजित एवं समन्वित ढंग से संपन्न किए जाएं।

