नैनीताल। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, भीड़ नियंत्रण से लेकर ड्रोन निगरानी तक सख्त पुलिस प्रबंधआईजी कुमाऊँ एवं एसएसपी नैनीताल रहे मौजूदआगामी 15 जून * को आयोजित होने वाले *कैंची धाम स्थापना दिवस मेले की सुरक्षा, यातायात एवं व्यवस्थाओं की तैयारियों का आज एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड वी. मुरुगेशन ने स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया।इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एडीजी उत्तराखंड ने सबसे पहले कैंची धाम मंदिर पहुंचकर बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल, प्रमुख ट्रैफिक मार्गों एवं संभावित भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।गोष्ठी एवं दिशा-निर्देशनिरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा गोष्ठी में एसएसपी नैनीताल द्वारा अब तक की गई तैयारियों की प्रस्तुति दी गई। एडीजी ने निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष निर्देश दिए।भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रबंधनश्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु मंदिर समिति एवं आयोजकों के साथ समन्वय बैठक कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या के अनुसार मंदिर में प्रवेश और निकासी प्रबंधित हो।वालंटियर्स की तैनाती से भीड़ प्रबंधन में सहयोग लिया जाए।कंट्रोल रूम एवं निगरानी व्यवस्थाड्यूटी नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर उसमें जिम्मेदार अधिकारी तैनात हों।

सीसीटीवी व ड्रोन की सहायता से 24×7 रीयल-टाइम निगरानी की व्यवस्था हो।सोशल मीडिया निगरानी सेल सक्रिय रहे और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल फैक्ट चेक व विधिक कार्यवाही हो।पुलिस बल एवं ड्यूटी प्रबंधनक्षेत्र को जोन एवं सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा आदि बलों की सुनियोजित तैनाती सुनिश्चित हो।सभी पुलिसकर्मियों की समय से ब्रीफिंग की जाय।सादे वस्त्रों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात किए जाएं।बीडीएस टीम द्वारा संदिग्ध वस्तुओं की लगातार जांच की जाए।यातायात व पार्किंग प्रबंधनरूट डायवर्जन प्लान बनाकर उसका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से किया जाए।शटल सेवा का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए।पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त बल की तैनाती हो।प्रवेश-निकासी व श्रद्धालुओं की सुविधामंदिर, पार्किंग व अन्य स्थलों पर प्रवेश व निकासी के द्वार अलग-अलग चिन्हित किए जाएं।दर्शनार्थियों की संख्या का लगातार आकलन कर प्रवेश की अनुमति दी जाए।

आवश्यक सूचना जैसे रूट प्लान, पार्किंग व्यवस्था, प्रसाद वितरण आदि से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड प्रमुख स्थलों पर लगाए जाएं।पुलिस आचरण एवं जनसंपर्कपुलिस बल श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार करें, कोई दुर्व्यवहार न हो।हर संवेदनशील गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई जाए।सभी जवान जनसुरक्षा, सेवा एवं सजगता की भावना के साथ ड्यूटी निभाएं।कैंची धाम मेले की सुरक्षा हेतु 03 कंपनियां पीएसी व 800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। सभी बलों को उनके निर्धारित क्षेत्र व दायित्वों के अनुसार ब्रीफिंग देकर कुशल संचालन हेतु तैनात किया जा रहा है।एडीजी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात, भीड़ नियंत्रण व व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। समस्त तैयारियों को समयबद्ध, संवेदनशील व व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

