*हरिद्वार।ज्वालापुर पहले राशन गोदाम ज्वालापुर में जो राशन माफिया थे जनपद के राशन डीलर उन्हीं को माल बेच दिया करते थे।परंतु लगातार शिकायतें होने के बाद गोदाम पर तथा राशन दुकानों पर लगातार छापे लगने के बाद गोदाम से राशन माफिया हटाए गए।अब उनकी जगह गोदाम के ही अधिकारियों ने माल खरीदना शुरू कर दिया। एक अधिकारी ने जब दो दुकानदारों का माल खरीदा तो गोदाम के बड़े अधिकारी को इसका पता लगा।इसको लेकर दोनों में खिंचतान जारी है।अब देखना यह है की शासन ने जो लगाम ब्लैक मार्केटिंग पर लगाई थी और तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार ने दुकानों व गोदाम पर छापे मारे थे वह खेल अब गोदाम में नए सिरे से शुरू हो गया है।

इन राशन गोदाम के कर्मचारीओं और अधिकारियों को किसी का डर नहीं है।जबकी माल खरीदने वाला एक छोटा अधिकारी बीमार भी रहता है। लेकिन माल बटोरने के नाम पर चंगा हो जाता है।राशन डीलरो से माल खरीदने की सेटिंग ट्रांसपोर्ट ठेकेदार कराता है जो हर समय गोदाम में मौजूद रहता है। अब राशन माफिया योगी ने राशन की काला बजारी का कार्य प्रधान जी व उनके एक साथी को सौपा है। लेकिन दुकानदार इन दोनों को माल दे ही नही रहे है।इस लिए दोनों परेशान घूम रहे ।हरिद्वार जनपद के राशन विक्रेताओं की यूनियन के अध्यक्ष जी के पास दो दुकाने है।पूर्व जिलाधिकारी ने इन अध्यक्ष जी की दुकान पर छापा भी डलवाया लेकिन जिन एस डी एम साहब को छापे का काम सौपा गया था।वे महान एस डी एम साहब अध्यक्ष जी को एक दिन पहले सूचित करके की आपकी शिकायत मिली है ।

कल जांच के लिए आऊंगा।अध्यक्ष जी ने रातो रात माल पूरा कर अगले दिन एस डी एम साहब से क्लीन चिट ले ली। लेकिन अध्यक्ष जी बाज तो आएंगे नही फिर किसी दिन लपेटे में आएंगे।राशन वालो का ही मानना है की अध्यक्ष जी को दोनों दुकानों से प्रति माह मोटी आमदनी है।उसके बावजूद अध्यक्ष परेशान रहते है।जबकी नेतागिरी की आड़ लेकर अध्यक्ष दफ्तर को भी ठेंगा ही दिखाते है।

