हरिद्वार ।
हरिद्वार की प्रसिद्ध तीर्थ नगरी मनसा देवी के प्रसिद्ध मंदिर पर कार्यरत ट्रस्टी अनिल शर्मा का नारियल के कारोबार पर थोड़ा विराम लगा है ,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के सख्ती बरतने के करण अब मनसा देवी का स्वरूप थोड़ा-थोड़ा बदला बदला दिखाई दे रहा है ।

रविन्द्र पूरी ,निरंजनी अखाड़ा, अध्यक्ष
50 C C T V कैमरे, पुलिस चौकी, शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है।
करीब 50 सीसी टीवी कैमरे व पुलिस चौकी के साथ पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था की जा रही है ।उसके साथ ही ट्रस्टी अनिल शर्मा की करगुजारियां भी सामने आ रही है हालांकि अनिल शर्मा,को मंशा देवी मंदिर का सर्वे सर्वै कहा जाता है, क्योंकि अनिल शर्मा ही मनसा देवी मंदिर पर आने वाले लाखों रु के दान के चढ़ावे का पूरा ध्यान रखते हैं ।और यह चढ़ावा अभी तक तो अनिल शर्मा की ही देखरेख में रहता था लेकिन अब प्रशासन ने इस चढ़ावे की गिनती प्रतिदिन शुरु करने के आदेश दिए है।

अनिल शर्मा जी ने पुत्र नमन शर्मा को मन्दिर का कर्मचारी नियुक्त किया।
अनिल शर्मा जो मंदिर के सर्वे शर्मा है ।और मंदिर के ट्रस्टी अध्यक्ष आदरणीय विश्व गुरु महंत रवींद्र पुरी जी के परम शिष्य कहलाए जाते हैं। पहले तो वह अपने पुत्र नमन को ट्रस्टी बनाने के चक्कर में थे सारे कागजात भी तैयार हो गए थे लेकिन मनसा देवी पर हुई दुर्घटना के बाद यह मामला खटाई में पड़ गया। अब अनिल शर्मा ने अपने पुत्र को मनसा देवी पर कर्मचारी नियुक्त कर दिया है और उनकी सैलरी भी 8 से ₹10000 बताई जाती है हालांकि मनसा देवी पर सर्वाधिक सैलरी मनसा देवी मंदिर के मैनेजर की है। जो रु 51000 है उसके बाद एक दूसरे मैनेजर की सैलरी ₹31000 है बाकी नीचे के सभी कर्मचारियों में से ज्यादातर की सैलरी 7 से ₹8000 के बीच में कुछ की ₹10000 तो कुछ की ₹15000 महीना है।

अनिल शर्मा के चेले भी मंदिर की नोकरी करते करते लाखो की सम्पत्ति के मालिक हो गए है।
लेकिन ज्यादातर कर्मचारी मामूली सैलरी पाने वाले कर्मचारी अच्छी खासी आमदनी के स्वामी है अनिल शर्मा के एक चेले ने तो अभी जगजीतपुर हरिद्वार में ही 40 लख रुपए का एक मकान खरीदा है जब 40 लाख का मकान खरीदा है। तो और भी लाखों रुपए अनिल शर्मा के इस चेले के पास होंगे। और बात भी सही है जब गुरु के पास करोड़ों हैं तो चेले के पास लाखों हो तो क्या बुराई है ।अनिल शर्मा के चेले ने अपने कुछ भाई भतीजे को भी बुलाकर मनसा देवी की नौकरी पर फिट कर रखा है।
ट्रस्टी अपने किसी रिश्तेदार को नोकरी पर नही रख सकता।
आपको बता दें कि ट्रस्ट डीड के अनुसार कोई भी ट्रस्टी अपने किसी रिश्तेदार को मनसा देवी मंदिर पर कर्मचारी नियुक्त नहीं कर सकता है लेकिन ट्रस्ट डीड अनिल शर्मा के लिए कोई मायने नही रखती है ,वहां तो अनिल शर्मा का हुक्म चलता है जो चाहे वह करें जिसे चाहे रखे जिसे चाहे निकाल दें ।जो चाहे निर्माण कराए। जो चाहे निर्माण तुड़वाए जैसा खेल करना चाहे वैसा खेल करने के लिए वे स्वतंत्र हैं। इसी के लिए अनिल शर्मा जी ने अपने पुत्र को स्थापित कर दिया है। दोनों पिता पुत्र शाम को कार्यालय में बैठकर कर्मचारीयो पर हुक्म चलाते हैं ।व गुरु जी के आदेशों का पालन करते हैं गुरु जी का फोन भी अनिल शर्मा व नमन शर्मा ही के पास ही आता है और यह दोनों जो चाहे वह गुरु जी को बता दें और जो चाहे वह कार्य करने के लिए गुरु जी से अनुमति ले ले।

