हरिद्वार। लक्सर विधानसभा सीट पर इस समय 97 हजार मतदाता बताए जाते हैं, इन 97 हजार मतदाताओं में सर्वाधिक मुस्लिम समाज व दलित समाज के मतदाताओं के मत है , बाकी अन्य मतों में सभी जातियों को शामिल किया जा सकता है ,जिसमें सैनी, गुर्जर जाट ,चौहान ,ब्राह्मण, बनिए व कई अन्य और जातियां शामिल है।

पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर मोहम्मद शहजाद ने लक्सर विधानसभा सीट से मायावती का ध्वज फहराया था, इस समय उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में एकमात्र बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ही है, जो बहन मायावती का ध्वज लहरा रहे हैं ।
2027 के चुनाव में भी शहजाद को ही चुनाव मैदान में बसपा उतारेगी ऐसे संकेत बहन जी की तरफ से मिल रहे हैं, शहजाद को चुनाव लड़ने का बहुत पुराना अनुभव है ,शहजाद जिला पंचायत के अध्यक्ष भी कई बार रह चुके हैं, एक बार तो बीजेपी के सहयोग से ही जिला पंचायत की कुर्सी हासिल की थी।
उस समय उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक थे । व हरिद्वार के जिलाधिकारी मीनाक्षी सुन्दरम थे C D O बी के संत थे वो चुनाव देख कर नेताओं ने दांतों तले उंगली दबा ली थी। बीजेपी के 11 जिला पंचायत सदस्यों को सुबह ही एक होटल में बुला लिया गया था , पूरे हिंदुस्तान के चुनावों में वो अनोखा चुनाव था।

यदि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व गृह मंत्री अमित शाह जी भी उस चुनाव को देखते तो चक्कर खा जाते उस चुनाव में बीजेपी के 11 जिला पंचायत सदस्यों के सीधे हाथों पर ऐसी पट्टी कराई गई मानो 11 सदस्यों के हाथ की हड्डी टूट गई हो।
उसके बाद शहजाद जी के 11 कार्यकर्ताओं को पट्टी बंधे पंचायत सदस्यों के साथ वोट डालने के लिए मतदान स्थल पर लाया गया वोट पट्टी बंधे हाथों वाले सदस्यों के सहयोगियों ने डाले और शहजाद जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए। अब शहजाद वर्तमान में लक्सर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
शहजाद के सामने इस बार बीजेपी की तरफ से लक्सर से पूर्व विधायक संजय गुप्ता ,ओमप्रकाश जमदग्नि, मोहित कौशिक, सचिन अग्रवाल टिकट प्राप्त करने की जोड़ तोड़ में लगे हुए हैं।

बीजेपी की तरफ से इन सभी में ओम प्रकाश जमदग्नि पिछले 1 वर्ष से लक्सर क्षेत्र में काफी मेहनत कर रहे हैं, और रोजाना लक्सर जाकर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में दौरा कर रहे हैं।
साथ ही कांग्रेस की तरफ से ताहिर हुसैन, संजय सैनी जहां टिकट की दावेदारी कर रहे हैं वहीं अभी भाजपा छोड़कर आए प्रमोद खारी भी कांग्रेस का टिकट प्राप्त करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं ।
यदि खारी को टिकट नहीं मिलता है तो यह निर्दलीय भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं, उधर चंद्रशेखर की पार्टी से आजाद अली नाम के एक प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं ।

ऐसी स्थिति में जब मैदान में पहलवान दिखाई देंगे तो उनमें सबसे मजबूत पहलवानों में बसपा के मोहम्मद शहजाद व बीजेपी के ओमप्रकाश जमदग्नि की टक्कर देखने को मिल सकती है।
अब देखना यह होगा की 2027 के चुनाव में लक्सर विधानसभा से किसके सिर पर सेहरा बंधता है, मोहम्मद शहजाद को एक लाभ यह भी है कि उनके एक खास मित्र जो सरकार में मंत्री भी उनका भी भरपूर सहयोग शहजाद को मिल सकता है।
शहजाद और मंत्री जी की दोस्ती आज से नहीं दो दशक से चली आ रही है, शहजाद के और मंत्री जी के दोस्ताना और व्यापारिक संबंध भी बताए जाते हैं , इसका लाभ भी शहजाद को अवश्य मिलेगा ,लेकिन फिर भी जनता का रूख किस ओर जाता है यह तो आने वाला चुनाव ही बताएगा की ऊँट किस करवट बैठेगा।


