31 Mar 2026, Tue
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शिव भक्तों व पुलिस के बीच। सिंह द्वार पर आधे घंटे तक हुई बहस , दोनों ही तरफ से कोई झुकने को नही था तैयार, कांवरिये मेंन रोड पर जाने पर अड़े रहे तो पुलिस उन्हें नहर पटरी की तरफ जाने के लिए प्रेरित करती रही, आधे घंटे तक पूरा चौराहा रहा जाम , अपनी बात से पीछे हटने को नही था कोई भी तैयार ।

हरिद्वार। हरिद्वार, सावन का आज दूसरा दिन है शिव भक्त कांवरिये हरिद्वार से जल लेकर अपने अपने नगरों और कस्बो की तरफ रवाना होने लगे हैं। पुलिस ने भी अपने जौहर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सबसे सेंसिटिव माने जाने वाले सिंह द्वार चौराहे पर आज चिलचिलाती धूप में उस समय आधे घंटे तक कांवरियों और पुलिस के बीच बहस होती रही जब पुलिस का कहना था की वह कांवरियों को किसी कीमत पर भी में मेन रोड हाइवे से जाने नहीं देंगे ।

और कांवरियों का यह कहना था की हमारा ट्रैक्टर आगे निकल गया है हमें खाना भी खाना है हम कैसे करेंगे हम कहां मिलेंगे अपने ट्रैक्टर से और इतना सारा जल लेकर हम कैसे ट्रैक्टर को ढूंढ लेंगे। इस पर पुलिस वालों के ऊपर कोई असर नहीं हो रहा था ।और उन्होंने साफ-साफ कह दिया था की आगे कोई ट्रैक्टर नहीं है आपको नहर पटरी से ही जाना होगा । इसी बीच काँवड़ का रूप लिये एक छोटा वाहन लेकर दूसरा कांवरिया आ गया उसके साथ बच्चे भी थे पुलिस ने भाग कर उसे भी रोक लिया और उसकी कांवर पर हाथ लगा दिया बस इस पर वह कांवरिया भड़क गया की आपने हाथ कैसे लगाया।

लेकिन कुल मिलाकर पुलिस अधीक्षक महोदय आपसे हमारा तो यही आग्रह है की सिंह द्वारा बहुत ही सेंसिटिव चौराहा है अभी तो काँवड़ का दूसरा ही दिन है अभी 22 जुलाई तक आपको जाने क्या-क्या रूप और रंग देखने पड़ेंगे, और ऐसा नहीं कि आप यह रूप रंग कप्तान साहब पहली बार देख रहे हैं आप तो पहले भी यहां पर कांवड़ मेला अच्छी तरीके से देख चुके हैं ।की कांवर मेले क्या-क्या रंग रूप होते हैं। हमारा तो आपसे यही निवेदन है कि अभी दूसरा ही दिन है ।अभी बहुत ज्यादा भीड़ भी नहीं है ।अगर आपको उचित लगे तो आप इन पुलिस वालों को कहें कि वह थोड़ा सॉफ्टनेस भी बरते , और अगर कोई कांवरिया अपनी बात शांतिपूर्वक बता रहा है।

तो आप उसकी बात माने और हठ धर्मी ना दिखाएं, इसी में शिव भक्त और पुलिस की भलाई है। और शांतिपूर्वक मेला इसी तरीके से निपटाया जा सकता है अन्यथा आप बेहतर जानते हैं की किस तरीके से आपको क्या सुविधा देनी है । आपने अपने अधीनस्थ अधिकारियों या कर्मचारी को क्या शिक्षा दी है। क्या बताया है कि किस तरीके से कार्य करना है। क्योंकि यहां डीजीपी हो एडीजीपी हो और इससे नीचे स्तर के अधिकारी हो और आप और जिलाधिकारी खुद कई बार पुलिस वालों को ब्रीफ कर समझा चुके हैं उनको किस तरीके से कांवरियों के साथ पेश आना है ।

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