12 Feb 2026, Thu
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डी एम व एस एस पी के बीच शानदार तालमेल,काँवड़ मेला सकुशल सम्पन्न होने की कगार पर, दो दशक के इतिहास में डांक काँवड़ ,पहली बार शहर से बाहर।

हरिद्वार। सावन मास में हरिद्वार में लगने वाला कांवड़ मेला लगभग अपने अंतिम चरण की ओर जा रहा है शिव भक्त डाक कांवरिया हरिद्वार पहुंच गए हैं ,लेकिन इस बार जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई गई रणनीति के हिसाब से शहर में डाक कांवड प्रवेश नहीं कर पा रही है शहर से बाहर ही डाक कांवर को रोका जा रहा है और कांवरिये भी एक से दो किलोमीटर पैदल चल रहे है।व अपना सामान खरीद रहे हैं। गंगा स्नान कर ,भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए अपने-अपने नगरों की ओर जल लेकर रवाना हो रहे हैं ।

मेला शांतिपूर्ण रहा है, चल

मेले की सारी स्थिति फिलहाल अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेले की हर गतिविधि पर निगाह बनाये हुए है। इसके लिए हरिद्वार पुलिस प्रशासन के हेड प्रमेन्द्र डबराल, एसएसपी हरिद्वार व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को श्रेय जाता है। इन दोनों की आपसी ट्यूनिंग इतनी शानदार है ,की दोनों मिलकर पूरी निष्ठा और लगन के साथ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए दिन-रात एक किए हुए ।

और अपनी टीम को भी यही सलाह दे रहे हैं कि मेले को बहुत ही सौहार्दपूर्ण तरीके से वह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए ।शिव भक्त कांवरियों के साथ बहुत ही शालीनता से पेश आया जाए यदि कोई कांवरिया बहुत ज्यादा उत्पात मचाता है ,तब उसके साथ सख्ती बरती जाए अन्यथा शिव भक्तों को यहां से गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और शहरों की तरफ जाने दिया जाए ।

दो दशक के काँवड़ मेले के इतिहास में पहली बार , डांक कांवड़ शहर से दूर,आम जनमानस को राहत।

विगत दो दशक के इतिहास को देखा जाए तो कांवड़ मेले में पहली बार ऐसा हुआ है कि शहर की जनता को परेशानी नहीं हुई है। शहर से डाक कांवड़ को दूर रखा गया है ।और ऐसा भी नहीं है कि डाक कावड़ को बहुत ज्यादा दूर कर दिया गया हो। कांवड़ियों को भी ज्यादा परेशान नही किया गया है। एक, दो किलोमीटर तो यह कांवड़िए आराम से चल लेते हैं ।

उनकी सुविधा के लिए बैरागी कैंप व कनखल में कुंभ में बनाये जाने वाले बस अड्डे के ग्राउंड में डांक काँवड़ को स्थान उपलब्ध कराया गया है । यह स्थान इतना विशाल है की पूरा भरा नहीं है लेकिन कल तक और अधिक डाक कांवरिये व मोटरसाइकिल वाले शिव भक्त हरिद्वार पहुंच जाएंगे। लेकिन तब तक जो और लोग आएंगे तो जो लोग आ चुके हैं वह अपने-अपने नगरों की तरफ प्रस्थान कर जाएंगे।

भोले बाबा से मेला शांतिपूर्ण समपन्न कराने की प्रार्थना।

भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि जिस तरीके की ट्यूनिंग जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के बीच चल रही है यह ट्यूनिंग आगे भी चलती रहे। और इसी तरीके से जिला उन्नति की ओर अग्रसर होता रहे। मेला तो इन दोनों अधिकारियों की मेहनत से इस बार बहुत ही शानदार तरीके से संपन्न होता दिखाई दे रहा है। लेकिन शहर के कुछ लोगों को जो शहर के अंदर व्यापार करते हैं ।

कृष्णा नगर ,आर्य नगर के व्यापारियो ने जो माल कांवरियों के लिए भर के रखा था की कांवरिया आएंगे हर साल की तरह और सामान खरीदेंगे तो यह सामान धरा का धरा रह जाएगा । लेकिन इस सामान के धरा रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता है ।आम जनमानस को किसी तरीके की भी असुविधा न हो इसका पूरा ख्याल जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डबराल ने रखा है।

और विगत दो दशक के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि शहर के अंदर डाक कावड़ ने प्रवेश नहीं किया है । डाक काँवड़ के शहर के अंदर प्रवेश न करने से शहर के अंदर जो डियूटी पुलिस कर्मियों की व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की लगाई गई थी उन्होंने भी राहत की सांस ली है।

भोलेनाथ से प्रार्थना है की 2 दिन और इसी तरीके से शांतिपूर्वक निकाल दें और सभी लोग अपने-अपने शहरों में जाकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करें और जिला व पुलिस प्रशासन भी शांतिपूर्वक मेला संपन्न हो जाने के बाद बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने सपरिवार जाए।

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