शिकायत मिलते ही डीएम का कडा एक्शन, बिना पंजीकरण चल रहा नशामुक्ति केंद्र सीज करने के आदेश
नशामुक्ति केंद्रों पर डिजिटल पहरा, बनेगा ऑनलाइन डैसबोर्ड-एक क्लिक पर होगी केंद्रीकृत निगरानी: डीएम
उच्च शिक्षण संस्थानों में सैंपलिंग, ई-शपथ व जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने के सख्त निर्देश
ड्रग्स के खिलाफ चौकसीः मेडिकल स्टोर, कॉलेजों और संदिग्ध इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर
75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के लिए प्रथम किस्त 132 लाख अवमुक्त
देहरादून। राजधानी में नशे के बढ़ते नेटवर्क को ध्वस्त करने और अवैध रूप से चल रहे पुनर्वास केंद्रों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी रणनीति पूरी तरह सख्त कर दी है।
बुधवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की समीक्षा बैठक लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने, शिक्षण संस्थानों में निगरानी बढ़ाने और लापरवाह केंद्रों पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।
बैठक में मोथरोवाला क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे एक नशामुक्ति केंद्र की शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने उसे तत्काल प्रभाव से सीज करने का आदेश दिया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों के पुनर्वास केंद्रों की नियमित जांच करें।
जिलाधिकारी ने सभी नशामुक्ति केंद्रों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए तत्काल ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि केंद्रों की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में औचक विजिट कर ड्रग्स के संदिग्ध एवं संभावित मामलों की रैंडम सैंपलिंग की जाए। एंटी ड्रग्स अभियान के तहत सभी छात्रों से अनिवार्य रूप से ई-शपथ पत्र भरवाया जाए तथा शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स विषय पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि नशे की प्रवृत्ति की समय रहते पहचान कर प्रभावी रोकथाम की जा सके।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को पुराने अपराध आंकड़ों का जीआईएस आधारित विश्लेषण कर नशे से जुड़े संवेदनशील एवं हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नशे की डिमांड और सप्लाई चेन को तोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों, दवा रजिस्टर एवं स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम, गांजा एवं भांग के उत्पादन तथा विपणन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान एवं शराब का सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

