13 Feb 2026, Fri

जिलाधिकारी ने किया पैठाणी स्थित राहु मंदिर का निरीक्ष

पौडी।

मंदिर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण व मूलभूत सुविधाओं को लेकर दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने रविवार को पैठाणी स्थित प्राचीन राहु मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत मंदिर में होने वाले कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मंदिर का संपूर्ण मास्टर प्लान बना कर व्यवस्थित विकास की योजना बनाने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मंदिर के निकटवर्ती खाली भूभाग का सीमांकन कर उसे मास्टर प्लान में सम्मिलित किया जाय, ताकि श्रद्धालुओं के लिये शौचालय, पानी व बैठने की समुचित व्यवस्था की जा सके। उन्होंने संस्कृति विभाग को मुख्य मंदिर का रासायनिक उपचार (केमिकल ट्रीटमेंट) कराने और पंचायतन शैली के इस पौराणिक मंदिर का सुदृढ़ीकरण पारंपरिक शैली में ही करने के निर्देश दिये।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर में प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, आने-जाने के रास्ते और पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था हेतु स्थल का चयन कर प्रस्ताव तैयार करें। मंदिर समिति से बातचीत करते हुये जिलाधिकारी ने धर्मशाला को पहाड़ी शैली में पुनर्निर्मित करने तथा उसमें स्थानीय पत्थरों (पटाल) के प्रयोग करने की बात कही।

जिलाधिकारी ने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग को निर्देश दिये कि मंदिर के समीप श्रद्धालुओं के लिये आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय बनाए जाएं। साथ ही मंदिर के मुख्य द्वार को लकड़ी और पत्थरों से पहाड़ी शैली में विकसित करने के लिये जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने पैठाणी बाजार से मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर साइनबोर्ड लगाने को कहा। उन्होंने पटवारी को वैकल्पिक मार्ग का निरीक्षण कर उसके सुधारीकरण के लिये भूमि चिन्हीकरण करने के निर्देश दिये। साथ ही निरीक्षण के दौरान पार्किंग के लिए ग्रामीणों द्वारा सुझाए गए स्थल का भी जायज़ा लिया, साथ ही आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इसका सीमांकन तथा आंकलन की कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने मंदिर समिति को श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या उपलब्ध कराने की भी कहा, ताकि उसी अनुसार विकास योजनाएं बनायी जा सकें। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश भी दिये कि मंदिर की जानकारी और फोटो एनआईसी की वेबसाइट पर प्रकाशित करें, जिससे बाहरी पर्यटकों को भी इस पौराणिक स्थल की जानकारी मिल सके।

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