आज लगभग साढ़े तीन लाख ट्रामाडोल टैबलेट्स के निर्माण से पहले ही उसकी ए.पी.आई. (API – सक्रिय औषधीय घटक) को ज़ब्त कर लिया गया, जिससे एक बड़ी आपराधिक आपूर्ति श्रृंखला समय रहते रोकी जा सकी।
इस सघन कार्रवाई के चलते पंजाब राज्य में सप्लाई हो रही ट्रामाडोल की बड़ी खेप भी जब्त की जा सकी। इसी क्रम में आज पंजाब पुलिस को अग्रिम सूचना देते हुए अनीता भारती द्वारा अपनी टीम के साथ हरिद्वार स्थित लूसेंट बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (Lucent Biotech Pvt. Ltd.) में संयुक्त छापेमारी की गई छापेमारी के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेज़ , इनवॉइस एवं एग्रीमेंट आदि का गहन निरीक्षण किया गया। जांच में कई अनियमितताएं एवं असमानताएं पाई गईं। लूसेंट बायोटेक के प्लांट हेड हरीकिशोर दस्तावेज़ दिखाने में असमर्थ पाए गए।

गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP – Good Manufacturing Practice )के दिशानिर्देशों के अनुसार दवाओं के निर्माण से संबंधित अभिलेखों की जांच करने पर गंभीर खामियां, त्रुटियाँ एवं अनियमितताएं पाई गईं। इस पर लूसेंट बायोटेक के प्लांट हेड हरीकिशोर को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया, जिनके विरुद्ध NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही लूसेंट बायोटेक द्वारा निर्मित (Narcotic Drugs) का उत्पादन तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया तथा सभी पूर्व स्वीकृत अनुमोदनों को निरस्त करने की संस्तुति की गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि जब्त की गई ट्रामाडोल टैबलेट्स कॉन्नेन्ड्रम फार्मास्युटिकल्स, मेरठ के नाम पर बनाई गई थीं, परंतु उत्तर प्रदेश के औषधि निरीक्षकों द्वारा जब पूछताछ की गई तो उक्त कंपनी अस्तित्वहीन पाई गई।

फर्म द्वारा पूर्व में रिकॉल लाइफसाइंसेज़, रूड़की के साथ किया गया एक एग्रीमेंट भी प्रस्तुत किया गया, जिसके तहत वैध लाइसेंस के माध्यम से पंजाब में दवाओं की आपूर्ति की जा रही थी। इस फर्म का मालिक आर्यन पंत बताया गया, जो इस समय फरार है।
यह कार्रवाई उस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर की गई, जिसमें पंजाब में 70,000 ट्रामाडोल टैबलेट्स जब्त की गई थीं, जिनका निर्माण लूसेंट बायोटेक द्वारा किया गया था। उक्त टैबलेट्स से संबंधित जानकारियाँ एकत्र करने हेतु यह संयुक्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक थी।
इसी क्रम में लूसेंट (Lucent) के गोदाम से 325 किलोग्राम ट्रामाडोल (325 kg Tramadol) ज़ब्त की गई, जो कि उसी सप्लायर के लिए निर्मित की जा रही थी जिसके लिए पहले पंजाब में जब्त दवाएं भेजी गई थीं। बाज़ार मूल्य के अनुसार यह क़रीब 3.25 लाख टैबलेट्स (Approximately 3.25 lakh tablets) (13 ड्रम्स/Drums) हैं, जिन्हें बाज़ार में पहुँचने से पूर्व ही रोका गया (Seized before reaching market)।
पूछताछ में प्लांट हेड हरीकिशोर ने बताया कि विक्रम सैनी (Vikram Saini) और आर्यन पंत (Aryan Pant) ही इस नशीली दवा की खेप का ऑर्डर देने कंपनी आए थे। आर्यन पंत का मोबाइल फ़ोन बंद पाया गया, जबकि विक्रम सैनी को पूछताछ हेतु तत्काल कंपनी बुलाया गया। वर्तमान में पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई जारी है।विक्रम सैनी से पूछताछ जारी है। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

