इस कड़ी में दो दिन पूर्व कमल दास कुटिया के महंत पर कुछ गुंडों द्वारा लाठी डंडों से हमला किया गया ,यह कमल दास कुटिया कई हजार करोड रुपए की संपत्ति है।
पहले इसमें पुलिस लाइन हुआ करती थी अब पुलिस लाइन रोशनाबाद में शिफ्ट हो गई है, इसलिए इस कमल दास कुटिया में कुछ कमरों को पुलिस वालों ने कुछ को और सरकारी कर्मचारियों ने किराए के नाम पर कब्जा रखा है। इस कमल दास कुटिया को पहले भी कब्जाने का प्रयास हो चुका है। मामला उस समय का है जब उत्तराखंड भी नहीं बना था।
उत्तर प्रदेश की एक बहुत ही असर दार नेत्री क्या मालकिन थीं, उनकी निगाह इस कुटिया पर पता नही कैसे पड़ी और कब्जे की पूरी तैयारी हो गई ,उस समय भी मैने और स्वर्गीय कमलकांत बुधकर जी ने रायता खिंडा दिया था।
अब इस संपत्ति पर गुंडे बदमाशों की निगाह लगी हुई है, इन बदमाशों को कुछ प्रॉपर्टी डीलरों का भी पूरा सहयोग प्राप्त है करीब 2000 करोड़ से भी अधिक की यह संपत्ति अभी भी पता नहीं क्या गुल खिला कर रहेगी।

एक तरफ दूधाधारी मंदिर के पास महाजन भवन के सामने अमेरिकन आश्रम है उसकी 26 बीघा जमीन को भी कुछ साधु संत व खद्दरधारी कब्जाना चाहते हैं, यह संपत्ति भी कम से कम 500 करोड़ की तो है ,लेकिन इस संपत्ति की जो मालकिन है वह एक विदेशी महिला थी जिसका तीन-चार साल से कोई अता-पता नहीं है
इस तरह की संपत्तियां और भी कई हैं, हरिद्वार में जिन पर गुंडो की और कुछ ताजा ताजा संत बने गेरुआ वस्त्र धारियों की भी निगाहें लगी हुई है, यह ताजा ताजा गेरुआ वस्त्र धारण करने वाले युवा संत पहले राजनीतिक दलों में हुआ करते थे ,वहां दुकान नही चलने के बाद अब यह गेरुवा वस्त्र धारण कर संतों की जमात में शामिल हो गए हैं।
और खाली पड़ी संपत्तियों को ढूंढते फिरते हैं और उन पर कब्जा करने का प्रयास करते हैं।
जिला व पुलिस प्रशासन को इन प्रकरणों को गंभीरता से लेना होगा अन्यथा इन संपत्तियों के मामले में पहले भी कई साधु संत या तो लापता हो चुके हैं, या उनकी हत्याएं हो चुकी है, कहीं ऐसा ना हो इन बेश कीमती संपत्तियों के कारण भविष्य में भी कोई अनहोनी घटना घट जाए, इसलिए पुलिस को और जिला प्रशासन को सतर्क रहना होगा।

