शकुनी पांडेय उर्फ ताऊ जी के खेलों से जाने कब मिलेगी इस राज्य को निजात।
देहरादून : पूजा पाठी और धार्मिक प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य से भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए जहां कटिबंध है वही भ्रष्टाचारियों की जड़े इस राज्य में इतनी मजबूत हो चुकी हैं कि इनको समाप्त करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन दिखाई पड़ता है सभी अधिकारी व कर्मचारी भृष्ट है ऐसा भी नहीं है ।लेकिन इन भ्रष्टाचारियों की तादाद राज्य में सर्वाधिक है ।जो ईमानदार अधिकारी हैं उनकी संख्या उंगलियों पर गिनी जाने के कारण वे केवल इन भृष्ट अधिकारियों के करतब देखकर दांतों तले उंगली ही दबाते रहते हैं ।इस राज्य में सर्वाधिक भ्रष्टाचार शकुनी पांडे उर्फ ताऊ जी ने फैला रखा है इस शकुनी से जितनी जल्दी हो सके मुख्यमंत्री किनारा कर लेंगे तो भ्रष्टाचार में लगाम लगाने में कामयाबी मिलने के आसार दिखाई दे सकते हैं ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री उत्तराखंड को जहां भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की बात करते रहते हैं। वहीं राज्य के अधिकांश भ्रष्ट अधिकारियों ने इस राज्य में इस कदर जड़े मजबूत कर ली हैं कि आम जनमानस इन भ्रष्टाचारियों के कारनामों से इस कदर परेशान है की बताना भी मुश्किल पड़ जाता है हालत यह है यह भ्रष्टाचारी लोगों से सुविधा शुल्क भी ले लेते हैं और उनका कार्य भी नहीं करते हैं इसलिए लोग अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस राज्य को उत्कृष्ट राज्य बनाने के साथ ही उत्तराखंड की जनता के सपनों का राज्य बनाने के भरपूर प्रयास कर रहे है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चाहिए कि वह उनके पास मंडराने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर ही सबसे पहले लगाम लगाई यदि मुख्यमंत्री ने इस राज्य से 50% भ्रष्टाचार भी समाप्त कर दिया तो आने वाले एक दशक तक मुख्यमंत्री को कोई इस राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी से हिला नहीं पाएगा लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री को कुछ कड़े निर्णय लेते हुए सबसे पहले शकुनी पांडे से किनारा करना होगा । यह शकुनी पांडे मुख्यमंत्री के बाद अपने आप को ही सेकंड नंबर का राज्य का सर्वे शर्मा मानता है और यही इसने पूरे राज्य के कर्मचारी और अधिकारियों को भी एक तरीके से दर्शारखा है अधिकांश भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी इस शकुनी पांडे के ही चेले चपाटे हैं और इसी की छत्रछाया में खेल करते हैं।इसके अधिकांश भ्रष्ट कारनामों की जानकारी तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच ही नहीं पाती होगी लेकिन जिन की जानकारी मुख्यमंत्री को हो जाती है उनपर मुख्यमंत्री कार्यवाही करते हैं मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य के लिए तमाम योजनाएं केंद्र सरकार से लाकर इस छोटे राज्य को दी है जिसके लिए राज्य की जनता पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करती है साथ ही पुष्कर सिंह धामी ने आम मतदाता व जन मानस के मन को कैसे जीता जा सकता है उसके भी सारे गुण सीख लिए हैं ।

लेकिन सबसे मुख्य कार्य जिसके लिए मुख्यमंत्री लगे हुए हैं वह कार्य है इस राज्य से भ्रष्टाचार मिटाना और राज्य की संपत्ति को भू माफियाओं से बचाना इन दो कार्यों पर मुख्यमंत्री को शीघ्र ही लगाम लगानी होगी यदि इन दोनों कार्यों पर लगाम लग जाती है तो मुख्यमंत्री का राजनीतिक कैरियर काफी लंबा चल सकता है इस बात को शायद मुख्यमंत्री ने भांप भी लिया है इसीलिए उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस के आदेश पारित कर दिए हैं। अब मुख्यमंत्री के इन आदेशों का इन भ्रष्ट अधिकारियों के ऊपर क्या असर पड़ता है। यह आने वाला समय ही बताएगा लेकिन हरिद्वार नगर निगम के पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी ने जिस कदर निर्भीक होकर नगर निगम का 58 करोड़ रूपया ठिकाने लगाया है। इस तरीके के और भी कई वरुण चौधरी इस राज्य में घूम रहे हैं उनके कारनामों पर भी मुख्यमंत्री को जांच करा कर लगाम लगानी होगी ।तभी यह राज्य भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बन सकेगा। फिलहाल तो यह राज्य भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे अधिकांश अधिकारियों व कर्मचारी की मुट्ठी में जकड़ा हुआ है ।जिसके कारण आम जनमानस छटपटा रहा है।इस वरुण चौधरी का एक खास यार है।वो भी I A S है उसकी निगाह इस समय किसी जिले की कुर्सी पर है। ये जनाब भी बिना दक्षिणा के कोई कार्य नहीं करते हैं।देखना है ये राज्य के किस जिले को उपकृत करने में कामयाब होते है।


