14 Feb 2026, Sat

किस तरीके से राशन विक्रेता गरीबों का राशन स्वयं हड़प रहे हैं। और पात्र न होते हुए भी राशन की दुकान भी चला रहे हैं, बिजली फर्नीचर की दुकान भी खोले बैठे है, तों इनकम टैक्स भी देते होंगे ,और पुत्र उनका ग्राम प्रधान भी है। जबकि ग्राम प्रधान के परिवार का कोई भी सदस्य राशन की दुकान चलाने का पात्र नहीं है।

हरिद्वार ।हरिद्वार में किस तरीके से गरीबों के पेट के लिए राज्य सरकार द्वारा निशुल्क दिया जाने वाला राशन गरीबों के पेट में न जाकर राशन माफियाओं, और कुछ दुकानदारों के पेट में पहुंच जाता है।

ग्राम प्रधान के पिता चला रहे है।सरकारी सस्ते गल्ले के राशन की दुकान,राशन विक्रेता की पत्नी ने बनवा रखा था दूसरे दुकानदार के यहाँ का ,मुफ्त की राशन योजना का कार्ड , और लिया जा रहा था मुफ्त का राशन।

बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम अजीतपुर के एक सरकारी सस्ते राशन विक्रेता दिनेश कश्यप, राशन विक्रेता है । इनकी दुकान ग्राम अजीतपुर में है। आपूर्ति कार्यालय बहादराबाद में कुछ लोगों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर शिकायत की है।शिकायत कर्ता का कहना है की दिनेश कश्यप अपने परिवार जनों का गलत तरीके से अंत्योदय एवंम प्राथमिक परिवार योजना का राशन कार्ड बनवाकर जिसके द्वारा बार-बार योजनाओं का परिवर्तन भी कराया जाता है एवं उस पर ऑनलाइन राशन भी लिया जाता रहा है।

शिकायतकर्ता के अनुसार ऐसे राशन कार्ड भी बनाए गए हैं जिन्हें प्राथमिक परिवार योजना के अंतर्गत राशन कार्ड जारी तो है। लेकिन राज्य खाद्य योजना का खाद्यान्न पैसे लेकर दिया जा रहा है दिनेश कश्यप की पत्नी ने गुलाबी राशन कार्ड को भी अवैध रूप से बनवाया है ।तथा इस राशन कार्ड के सहारे दिनेश की पत्नी द्वारा राज्य सरकार द्वारा निशुल्क दिया जाने वाला राशन भी प्राप्त किया जाता रहा है। व विभाग को अंधेरे में रखकर अन्य योजनाओं का भी लाभ लिया जाता रहा है, जबकि दिनेश कश्यप व उनका परिवार अंतोदय योजना के पात्र नहीं है।

ऑनलाइन वाला माल नही उठाने का भी है आरोप

समस्त वितरण ऑनलाइन होने के बाद से दिनेश कश्यप के द्वारा कई योजनाओं का खाद्यान्न उठाया नहीं गया है। जबकि इससे पूर्व तक दिनेश लगातार खाद्यान्न का उठान करते रहे हैं, शिकायतकर्ता द्वारा यह भी शिकायत दर्ज कराई गई है की दिनेश की पत्नी ममता का अंत्योदय राशन कार्ड, दिनेश के प्रधान पुत्र प्रखर कश्यप जो कि वर्तमान में ग्राम प्रधान अजीतपुर है ,के द्वारा संस्तुति करके बनाया गया है। जबकि विभाग के अंतर्गत नियम यह है यदि परिवार में कोई ग्राम प्रधान होगा तो उसकी या उसके परिवार जनों की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान नहीं हो सकती है। और न ही वो अंत्योदय योजना का लाभ ले सकता है।

दिनेश कश्यप के पुत्र वर्तमान में ग्राम प्रधान अजीतपुर है।

दिनेश के पुत्र ग्राम प्रधान के पद पर कार्यरत हैं नियम अनुसार ग्राम प्रधान के परिजनों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित नहीं हो सकती है ।यदि पूर्व में दुकान आवंटित हो भी तब भी ग्राम प्रधान चुने जाने के बाद राशन विक्रेता द्वारा दुकान से त्यागपत्र दिया जाना अनिवार्य होता है। किंतु दिनेश ने ऐसा नहीं किया है, साथ ही कार्यालय में अभिलेखों के अनुसार ऐसी कोई सूचना भी कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है । दिनेश के द्वारा विगत वर्षों में राज्य खाद्य योजना के खाद्यान्न के अवशेषों की कोई सूचना क्षेत्रिय खाद्य अधिकारी बहादराबाद के कार्यालय को भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

इस शिकायत के प्राप्त होने पर दिनेश कश्यप राशन विक्रेता ग्राम अजीतपुर ब्लॉक बहादराबाद को क्षेत्रीय आपूर्ति कार्यालय बहादराबाद की ओर से एक नोटिस भेजा गया है कि आप इन सभी आरोपी का स्पष्टीकरण दें ,अन्यथा आपके विरुद्ध एक तरफ़ा विभागिय कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह नोटिस दिए हुए एक सप्ताह होने को जा रहा है, अभी तक दिनेश कश्यप की ओर से इस नोटिस का कोई जवाब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बहादराबाद को प्राप्त नहीं हुआ है।
एक पत्र जो की आयुक्त खाद्य को भेजा गया है उसमें दिनेश कश्यप स्वयं स्वीकार कर चुके है की वह 15-20 प्रतिशत ही राशन का वितरण करते थे।कश्यप जी जब आप 15 से 20 प्रतिशत राशन का वितरण करते थे तो बाकी के राशन का क्या करते थे। विभाग को लौटाते होंगे या ब्लैक मार्केट में पहुचाते होंगे

प्रधान जी की प्रधानी भी पड़ सकती है संकट में।

इस प्रकरण में नियमो को जानते हुए भी अपनी ही माता का राशन कार्ड अंत्योदय योजना के अंतर्गत दूसरी दुकान से बनवाने की संस्तुति के आरोप में ग्राम प्रधान की प्रधानी भी संकट में पड़ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *