6 Nov 2026, Fri

कुंभ 2027 की तैयारियों पर सवाल! PWD और सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री का सपना खतरे में?

हरिद्वार ,कुंभ मेला 2027 जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सपना है ,और कुंभ मेला अधिकारी श्री मति सोनिका दिन रात मेहनत कर मेले को सुंदर व धार्मिकता से परिपूर्ण बनाने का प्रयास कर रही हैं ,

वहीं कुछ ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी इस कुंभ मेले में हो गई है,जो मेला कमाने आये हैं, पी डब्ल्यू डी जो सड़के बना रहा है वह सड़के शायद विश्व के सबसे श्रेष्ठ ठेकेदार से बनवाई जा रही है, सड़कों की हालत ऐसी है की अगले 50 वर्षो से पहले तो हिलने वाली नही हैं

इन सड़कों की गुडवत्ता का राज गोपनीय है पीडब्ल्यूडी का अधिशासी अभियंता हो एसडीओ चाहे जे ई हो तीनो गांधी जी के बंदर बने हुए हैं, ना इन्हें कुछ दिखाई दे रहा है न ही कुछ सुनाई दे रहा है,

ना यह कुछ बोल पाने की स्थिति में है ।

ठीक ऐसा ही हाल सिंचाई विभाग उत्तराखंड का है,

सिंचाई विभाग उत्तराखंड के प्रभारी अधिशासी अभियंता कुंभ के लिए भी एक सहायक अभियंता को ऋषिकेश से यहां प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाकर भेजा गया है।

हालत यह हैं कि जो घाट यहां पर बनाए गए हैं , उनकी खुदाई में जो मिट्टी निकाली गई थी उस मिट्टी को उठाने की बात की गई थी, लेकिन 1 इंच मिट्टी भी नहीं उठी है,

कल रात 12 बजे गंग नहर में जल छोड दिया जायेगा परसो सुबह दीपावली के दिन गंग नहर में सिंचाई विभाग उत्तराखंड की सारी करतूतें बह जाएंगी और लाखों रु के फर्जी बिल बना कर माल हड़प लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री का जो सपना इस बार के कुंभ को ऐसा ऐतिहासिक बनाने का है की कुंभ ऐसा हो जिससे उत्तराखंड का नाम पूरे विश्व के कोने-कोने में रोशन हो लेकिन मुख्यमंत्री के सपने को शायद p w D व सिंचाई विभाग के कारिंदों ने पूरा न होने देने की सौगन्ध खाई है ।

कुंभ 2027 की तैयारियों पर सवाल! PWD और सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री का सपना खतरे में?

हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सपना है ,और कुंभ मेला अधिकारी श्री मति सोनिका दिन रात मेहनत कर मेले को सुंदर व धार्मिकता से परिपूर्ण बनाने का प्रयास कर रही हैं ,

वहीं कुछ ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी इस कुंभ मेले में हो गई है,जो मेला कमाने आये हैं, पी डब्ल्यू डी जो सड़के बना रहा है वह सड़के शायद विश्व के सबसे श्रेष्ठ ठेकेदार से बनवाई जा रही है, सड़कों की हालत ऐसी है की अगले 50 वर्षो से पहले तो हिलने वाली नही हैं


इन सड़कों की गुडवत्ता का राज गोपनीय है पीडब्ल्यूडी का अधिशासी अभियंता हो एसडीओ चाहे जे ई हो तीनो गांधी जी के बंदर बने हुए हैं, ना इन्हें कुछ दिखाई दे रहा है न ही कुछ सुनाई दे रहा है, ना यह कुछ बोल पाने की स्थिति में है ।

 

ठीक ऐसा ही हाल सिंचाई विभाग उत्तराखंड का है, सिंचाई विभाग उत्तराखंड के प्रभारी अधिशासी अभियंता कुंभ के लिए भी एक सहायक अभियंता को ऋषिकेश से यहां प्रभारी अधिशासी अभियंता बनाकर भेजा गया है।

हालत यह हैं कि जो घाट यहां पर बनाए गए हैं , उनकी खुदाई में जो मिट्टी निकाली गई थी उस मिट्टी को उठाने की बात की गई थी, लेकिन 1 इंच मिट्टी भी नहीं उठी है,

कल रात 12 बजे गंग नहर में जल छोड दिया जायेगा परसो सुबह दीपावली के दिन गंग नहर में सिंचाई विभाग उत्तराखंड की सारी करतूतें बह जाएंगी और लाखों रु के फर्जी बिल बना कर माल हड़प लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री का जो सपना इस बार के कुंभ को ऐसा ऐतिहासिक बनाने का है की कुंभ ऐसा हो जिससे उत्तराखंड का नाम पूरे विश्व के कोने-कोने में रोशन हो लेकिन मुख्यमंत्री के सपने को शायद p w D व सिंचाई विभाग के कारिंदों ने पूरा न होने देने की सौगन्ध खाई है ।

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