12 Feb 2026, Thu
Breaking

नगर निगम भूमि खरीद घोटाला, एस डी एम अजय वीर तो बच निकलेंगे , लेकिन जाने अन्य कितनो को बलि का बकरा बनवायेंगे वरुण चौधरी

नगर निगम भूमि खरीद घोटाला, एस डी एम अजय वीर तो बच निकलेंगे , लेकिन जाने अन्य कितनो को बलि का बकरा बनवायेंगे । I A S वरुण चौधरी,53 करोड़ की जमीन,5 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी के लिए कोई निविदा तक नही मांगी गई।चर्चा है की I A S साहब ने अपने एक I A S यार की मदद से घोटाले में आई रकम से खरीदारी भी करनी शुरू कर दी है।

हरिद्वार : नगर निगम हरिद्वार को शहर का कचरा डालने के लिए 58 करोड रुपए की 35 बीघा भूमि सराय स्थित कचरा डंप के समीप खरीद कर तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी I A S ने 58 करोड़ का जो खेल किया है । यदि जांच में वरुण चौधरी दोषी पाए जाते हैं तो 58 करोड रुपए की वसूली वरुण चौधरी से राज्य सरकार किस तरह करेगी ।आपको बता दें की किसी भी सरकारी संस्थान को यदि किसी उपयोग के लिए भूमि की आवश्यकता होती है तो उसको पहले स्थानीय अखबारों व एक नेशनल अखबार में निविदा प्रकाशित करानी पड़ती है और निविदा प्रकाशित होने के बाद जो लोग अपनी भूमि बेचना चाहते हैं उन लोगों में सबसे कम रेट की जो निविदा आती है उसको बुलाया जाता है और उसके बाद भी बैठकर उससे बारगेनिंग करने का प्रयास किया जाता है। लेकिन इस प्रकरण में वरुण चौधरी ने किसी प्रकार की कोई निविदा अखबार में प्रकाशित कराना उचित नही समझा क्योंकि यह बाकायदा प्री प्लान कर 58 करोड रुपए को हजम करने का खेल वरुण चौधरी ने बनाया था इस खेल में हो सकता है इसके साथ इसके सलाहकार के रूप में इसका एक I A S यार जरूर शामिल है। क्योंकि यह अकेला इतनी बड़ी रकम को डकारने से पहले कई बार सोचेगा जरूर ।

लेकिन जिस किसी ने भी इसकी पीठ पर हाथ रखा था उसने इसको इस खेल के दाव पेंचों की गुणा भाग समझाते हुए बता दिया होगा की जितनी जल्दी हो माल को डकारों और यहां से निकल लो और वरुण चौधरी ने भी यही किया की 58 करोड रुपए में से कितनी रकम जमीन मालिकों को दी है यह तो पता नहीं लेकिन इस खेल को करके वह आराम से देहरादून जाकर बैठ गया ।और यहां पर पीसीएस एसडीएम अजय वीर को तो फसा नहीं पाए क्योंकि एसडीएम ने 143 नियम अनुसार करके इस जांच से अपनी गर्दन तो बचा ली है। लेकिन कई अन्य लोगों को यह इस प्रकरण में फंसा कर चला गया है जिसमें सीधे-साधे जिलाधिकारी कमरेंद्र सिंह जोकी उस समय नगर निगम के प्रसासक भी थे उनसे इस शातिर ने जमीन खरीदने की अनुमति वाली फाइल पर सिग्नेचर करा कर उन पर भी जांच मामले में प्रश्न चिन्ह लगाने पर जांच अधिकारी को मजबूर कर दिया है। यह I A S साहब इतने खिलाड़ी हैं कि यह खाते भी है और गुर्राते भी हैं हरिद्वार के जब दो पत्रकारों ने इनकी 58 करोड़ की कारगुजारियों का भंडाफोड़ किया तो इन्होंने अपने कुछ ,,,को बुलाकर बयान दे दिया कि मेरी पोजीशन खराब की गई है और यह जानबूझकर किया गया है।

जिन लोगों ने मेरी पोजीशन खराब की है उनके खिलाफ खंडन छापने के लिए मैं नोटिस दूंगा नहीं दे रहा हूं और अगर नहीं छापा गया तो मैं फिर F I R करूँगा अब जांच में जो दिखाई दे रहा है वह साफ-साफ दिखाई दे रहा है । की I A S साहब खुद इस झमेले में बुरी तरीके से फस गए हैं चाह कर भी कोई इन I A S साहब की मदद नहीं कर सकता क्योंकि इतना बड़ा खेल इन्होंने जिस तरीके से किया है उस खेल को देखकर कोई भी कह सकता है की यही I A S साहब इस खेल के असली खिलाड़ी हैं ।अब देखना यह है की जांच पूरी हो जाने के बाद इन से सरकार 58 करोड रुपए की वसूली करती है। या उनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार को लिखती है या इनके साथ और भी कुछ किया जा सकता है ।जांच अधिकारी रणवीर चौहान वरिष्ठ आईएएस अफसर होने के साथ ही सुलझे हुए अधिकारी हैं वह अपनी निष्पक्ष रिपोर्ट मुख्यमंत्री को शीघ्र जांच पूरी होने के बाद सौंपेंगे उसके बाद ही जो लोग इस खेल के खिलाड़ी है उन पर क्या कार्रवाई होती है इसकी हरिद्वार की जनता को प्रतीक्षा है। चर्चा यह भी है । I A S साहब ने अपने एक I A S मित्र की सलाह पर कुछ खरीदारी भी कर ली है क्योंकि इतनी मोटी रकम को ठिकाने भी तो लगाना है। इतनी मोटी रकम को बैंकों में या घर पर तो रखने में खतरा है। इसलिए किसी जमीन या प्लाट की खरीदारी में ही रकम इन्वेस्ट की जा सकती है इसकी भी जांच की जा सकती है। यह खरीदारी किस स्थान पर और कितने करोड़ में साहब द्वारा की गई है । इसकी जानकारी भी शहर की जनता को शीघ्र दी जायेगी।और इस खरीदारी में किस I A S ने वरुण चौधरी की मदद की है।यह भी सामने आ सकता है | ये I A S साहेब भी पूरे खिलाडी हैं बिना लक्ष्मीआराधना के ये भी कोई कार्य नही करतें हैं जांच आधिकारी को चाहिए की इन I A S महोदय ने अपने यार वरुण चौधरी को कितने की खरीदारी और कहाँ करवाई है इसपर भी गौर फर्मेयें तो और बढ़िया खेल निकल कर आयेगा |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed