हरिद्वार। हरिद्वार तहसील में कार्यरत पटवारियो के बारे में आज छपी खबर के बारे में कुछ पटवारियो ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बहुत ही बेबाक तरीके से बात करते हुए सीधे-सीधे शब्दों में कहा के पटवारियो को वीवीआइपीओ का खर्चा भी उठाना पड़ता है। और भी अन्य कई बिगार पटवारी को करनी पड़ती हैं इसलिए पटवारी को कुछ कामों में सुविधा शुल्क मिल जाता है तो उसे रख लिया जाता है।


लेकिन किसी के साथ जोर जबरदस्ती नहीं की जाती इस बात को पटवारयो ने स्वीकार किया कि कुछ पटवारी 100 से 200 करोड रुपए तक की हैसियत के पटवारी हैं। और करोड़पति पटवारी तो अधिकांश है ही क्योंकि यह पटवारी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से जमीन खरीद कर उनको महंगे दामों में बेचकर मोटी रकम कमाते हैं इसी से उनके पास धन आता है कुछ पटवारी अपने भाई भतीजे साले साली पत्नी जीजा व तमाम रिश्तेदारों के नाम पर काम करने के लिए इसलिए मजबूर होते हैं क्योंकि वह अपने नाम से काम नहीं कर सकते इन पटवारियो का कहना है की हजार करोड रुपए का कोई पटवारी हरिद्वार में नहीं है। लेकिन 100 ,200 करोड़ के कई पटवारी हैं जबकि कोई इक्का दुक्का पटवारी 500 करोड़ की हैसियत का भी हो सकता है ।और यह सारी रकम पटवारी जमीन की खरीद फरोख्त के रूप में ही कमाते हैं। रिश्वत या सुविधा शुल्क के रूप में इतनी मोटी रकम मिलना आसान नही है।

