हरिद्वार। कोविड के समय में जिस तरह से फर्जीवाड़ा कर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया उसकी जांच लम्बे समय से अभी तक चल ही रही है यह फर्जी वाला ठीक बिहार की तर्ज पर जिस तरीके से चारा घोटाला हुआ था उसी तरीके से यहां उत्तराखंड के हरिद्वार में भी किया गया। एक डॉक्टरनी साहिब ने कोविड के टाइम में करोड़ों के वारे न्यारे किये डॉक्टरनी साहिब जांच में फंसी हुई है लेकिन वह सरकार का करोड़ों रुपया डकारने के बाद अब समाज सेवा कर रही है और उनकी गिनती सफेद पोस डॉक्टरनी में होती है। क्योकी इस देश की परम्परा है।सरकार के करोड़ो डकारते हुए पकड़े जाने के बाद लाखो देकर छूट जाओ।

कुछ और लैब वाले भी हैं जिन्होंने सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है कई सैंपल तो ऐसे हैं जिनके नंबर भी एक ही है एक-एक घर में पांच ,पांच सौ लोगों के एड्रेस लेकर उन्हीं के नंबर पर फर्जी कॉविड जांच कर सरकार को करोड़ों का चूना लगा दिया गया जांच शुरू हुई 15 में से केवल पांच लोग ही जांच में सम्मिलित पाए जाने की रिपोर्ट पुलिस ने दी लेकिन इसकी पुष्टि इसलिए नहीं हो पा रही है की ना तो पुलिस कुछ बता रही है और ना ही ई डी कुछ बता रही है लेकिन जो चर्चाएं छनकर आ रही है उनके अनुसार अब इस प्रकरण की जांच दोबारा होगी और यह दोबारा जांच कब तक चलेगी यह कह पाना मुश्किल है लेकिन फिलहाल तो जिन लोगों ने सरकार के करोड़ों रुपए हजम किए हैं वह आराम से सफेद पोस बने समाज में घूम रहे हैं देखना है इनमें से कितने लोगों से सरकार पैसा वसूल करती है या इनको जेल भेजती है। साथ ही यह जांच और कितने लंबे समय तक चलती है । जांच होगी तो जांच की आंच किस-किस पर आएगी यह कह पाना मुश्किल है लेकिन फिलहाल तो इस घोटाले के आरोपी मजे ले रहे हैं।

