गिरफ्तार अभियुक्ता को अपने भाई के प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने की थी जानकारी
अभियुक्ता द्वारा नकल कराने के उद्देश्य से उसे भेजे गये प्रश्न पत्रों के फोटो को सॉल्व करने हेतु भेजा गया था आगे
देहरादून। दिनांक 21-09-25 को सोशल मीडिया के माध्यम से यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित कराई जा रही स्नातक स्तरीय पदों के लिये लिखित प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों के फोटो को अज्ञात व्यक्ति द्वारा आउट करने तथा उनके स्क्रीनशॉट को कुछ सोशल मीडिया एकाउंट्स पर प्रसारित करने के सम्बन्ध में यूकेएसएसएससी द्वारा दिये गए शिकायती पत्र की जांच हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा एसआईटी गठित की गई थी, एसआईटी द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की जांच में सोशल मीडिया पर आउट हुए फोटो के सोर्स की जानकारी करने पर जनपद टिहरी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत महिला सुमन के पास उक्त प्रश्नों के फोटोग्राफ्स भेजे जाने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर सुमन को पूछताछ हेतु लाया गया, जिसके द्वारा उक्त प्रश्नों के फोटो को उसके एक पुराने परिचित खालिद मलिक के नम्बर से उसकी बहन साबिया द्वारा भेजे जाने तथा शक होने पर सुमन द्वारा उक्त प्रश्न पत्रों के फोटो के स्क्रीनशॉट लेकर प्रकरण के सम्बन्ध में एक अन्य व्यक्ति को सूचना देते हुए उक्त स्क्रीनशाॅट उपलब्ध कराने की बात बतायी गई, जिनके द्वारा परीक्षा प्रणाली को सनसनीखेज बनाने के लिये उक्त स्क्रीनशॉट को परीक्षा के उपरांत सोशल मीडिया को वायरल किया गया था।

जया बलोनी, पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश
प्रकरण की जांच के दौरान सुमन से पूछताछ में अभियुक्त खालिद मलिक की एक अन्य बहन हिना की भूमिका भी संदिग्ध मिली, जिस पर प्रकाश में आये सभी व्यक्तियों के विरूद्व एसआईटी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर थाना रायपुर पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया, जिसकी विवेचना एसएसपी देहरादून द्वारा पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश, जया बलोनी के सुपुर्द की गई।
विवेचना में विवेचक पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश द्वारा उक्त प्रकरण में घटना की कड़ियों को जोड़ते हुए घटना स्थल आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट, थाना पथरी, हरिद्वार का निरीक्षण किया गया तथा परीक्षा केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों व अन्य गवाहों से गहन पूछताछ की गई हैं। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि अभियुक्त खालिद मलिक की बहन साबिया को अभियुक्त के बहादुरपुर जट स्थित परीक्षा केन्द्र से उक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रतिभाग करने की जानकारी थी, उसके बावजूद भी उसके द्वारा प्रश्न पत्रों के प्राप्त फोटो को सॉल्व करने हेतु प्रोफेसर सुमन को भेजते हुए उनसे वार्ता की गई तथा उक्त प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किये गये।

