25 May 2026, Mon

अर्द्ध कुंभ 2027 : जिलाधिकारी ने स्वर्गाश्रम में तैयारियों का लिया जायज़ा, दिये ज़रूरी दिशा-निर्देश

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि : अर्ध कुंभ की तैयारियों पर जिलाधिकारी का फोकस

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया का निरीक्षण, घाटों पर होगी बेहतर व्यवस्थाएं

पौड़ी। आगामी वर्ष 2027 में हरिद्वार जनपद में आयोजित होने वाले अर्द्ध कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम क्षेत्र स्थित विभिन्न घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी, ऐसे में सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा नदी किनारे स्थित लक्ष्मण घाट, संत सेवा घाट, बॉम्बे घाट, किरमोला घाट और वेद निकेतन घाट का जायज़ा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिये कि घाटों की मरम्मत, निर्माण और सुधारीकरण कार्य समय से पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम की अनिवार्य व्यवस्था की जाय। भीड़भाड़ की स्थिति में दबाव एक ही स्थान पर न बने, इसके लिए जिलाधिकारी ने घाटों को आपस में जोड़ने वाले रास्तों का निर्माण करने के निर्देश दिये। जहां पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, वहां पर वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को रामझूला के समीप 90 मीटर लंबे स्नान घाट के निर्माण को धनराशि स्वीकृत होते ही प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पंचायत को क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने और जनसुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन बजरंग सेतु के कार्य में तेजी लाने और इसे समय पर पूर्ण करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।

स्वर्गाश्रम क्षेत्र में बेसहारा मवेशियों की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखायी। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि विशेष अभियान चलाकर इन मवेशियों को गौशाला में शिफ्ट कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिलाधिकारी ने कुंभ की तैयारियों के संबंध में लोक निर्माण विभाग की बाघखाला-जौंक लिंक मार्ग का निरीक्षण भी किया तथा सड़क पर निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग कार्य तथा ड्रेनेज कार्यों की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने कहा कि अर्ध कुंभ केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इसके सफल आयोजन से न केवल क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कुंभ से जुड़ी हर तैयारी को पूरी गंभीरता, ईमानदारी और पारदर्शिता से समय पर संपन्न किया जाय।

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