देहरादून।
नरेश गुप्ता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर 4 साल पूरे कर लिए है। उत्तराखंड में पंडित नारायण दत्त तिवारी के बाद वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान है यह कार्य उन्होंने अपने कुशल राजनीति व जनता के बीच जाकर जनता का मन मोह लेने की कलाओं के साथ पूरा किया है। रही बात राज्य में भ्रष्टाचार की ,तो भ्रष्टाचार तो ऐसी कोई सरकार नहीं है जिसके जमाने में ना हुआ हो किसी के समय में 10% तो किसी के समय में 15% लेकिन उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब भ्रष्टाचार पर लगाम लगनी शुरू कर दी है इसका जीता जाता उदाहरण है ।

अमित शाह से राजनीतिक गुण सीखते हुए।
i A S वरुण चौधरी, कमरेंद्र सिंह सहित एक दर्जन को निलंबित किया।
हरिद्वार नगर निगम के नगर आयुक्त रहे I A S वरुण चौधरी के अलावा अन्य कई अधिकारियों को 56 करोड़ के घोटाले में निलंबित कर उनके खिलाफ विजिलेंस जांच बैठा देना। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अब भ्रष्टाचार करने वाले या तो सुधर जाएं अन्यथा उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी ।यदि मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणा पर अमल कर दिया तो काफी सारे ब्यूरोक्रेट्स का बीपी हाई हो जाएगा साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वह भ्रष्टाचार को नीचे से लेकर ऊपर तक मिटाना चाहते हैं ।अगर धामी जी अपने इस मिशन में 50% भी कामयाब हो गए ,तो यह कार्य उत्तराखंड राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

राज्य निर्माण के लिए बलिदान देने वाले ठगा महसूस कर रहे है।
क्योंकि यह उत्तराखंड राज्य जिन कल्पनाओं को लेकर बना था। इस राज्य की स्थापना के लिए जिन लोगों ने अपने सीने पर गोलियां खाकर अपने प्राण न्योछावर किए थे व जिन माता बहनों ने अपनी अस्मत तक लुटाई थी वे अपने को ठगा हुआ महसूस करते है ।सभी लोग इस राज्य की वर्तमान स्थिति को इसके जन्म से लेकर अब तक देखते आ रहे हैं और उनका मानना है की जिन उद्देश्य को लेकर इस राज्य की स्थापना की गई थी वह उद्देश्य तो गोंड हो गया है।
यदि इस राज्य में किसी का विकास हुआ है तो वह है ब्यूरोक्रेटस व खद्दारधारी नेता इसके अलावा कुछ दलालों की भी मौज इस राज्य के बनने के बाद से ही शुरू हो गई है जो अब तक जारी है लेकिन अब पुष्कर सिंह धामी ने इन सब चीजों पर अंकुश लगाते हुए उत्तराखंड राज्य के विकास की ओर ध्यान देना शुरू किया है।

आशा ही नहीं आम जनमानस को पुष्कर सिंह धामी के ऊपर पूरा विश्वास है की यदि उन्होंने राज्य से भ्रष्टाचार मिटाते हुए राज्य को विकास की ओर ले जाने का मन बना लिया है ,तो वह अपने इस मिशन में कामयाब अवश्य होंगे ।
इस कार्य मे मुख्यमंत्री को अपने कुछ मंत्रियों पर भी अंकुश लगाना होगा।यह तय है की 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़े जाएगे और राज्य में पुनः बीजेपी की सत्ता स्थापित होगी क्योंकि पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को एक तरीके से फ्रिज में लगा दिया है ।

कांग्रेसियों में आपस में ही कोई तालमेल नहीं है। सभी कांग्रेसी अलग-अलग दिशाओं की ओर अपना झंडा लेकर चलते हैं जिसका लाभ 2027 के चुनाव में बीजेपी को निश्चित मिलेगा। कयास तो यह भी लगाये जा रहे हैं की 2027 का चुनाव पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में जिताकर खुद केंद्र में भी किसी अच्छे पद पर जा सकते हैं।क्योकी धामी जी का राजनैतिक सफर काफी लम्बा दिखाई दे रहा है।जिसमे वे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

